नई दिल्ली: बांग्लादेश में गुरुवार (18 दिसंबर) की देर रात अधिकारियों द्वारा युवा नेता शरीफ़ उस्मान हादी की मौत की घोषणा किए जाने के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए. हादी 2024 के उन जनआंदोलनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिनके चलते शेख़ हसीना सरकार का पतन हुआ था.
बीते 12 दिसंबर को एक मोटरसाइकिल के पीछे बैठे नकाबपोश हमलावर ने हादी के सिर में गोली मार दी थी. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
डीडब्ल्यू के अनुसार, सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, ‘डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद हादी अपनी चोटों से उबर नहीं सके.’
हादी की मौत की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारियों के समूहों ने बांग्लादेश के दो प्रमुख अख़बारों- बांग्ला भाषा के प्रथम आलो और अंग्रेज़ी अख़बार द डेली स्टार के दफ़्तरों पर धावा बोल दिया. जैसे-जैसे प्रदर्शन तेज़ हुए, भीड़ ने दोनों अख़बारों के दफ़्तरों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी.
बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, द डेली स्टार के दफ़्तर से कंप्यूटर के सीपीयू, मॉनिटर और कुर्सियां भी लूट ली गईं.
द डेली स्टार के रिपोर्टर महमूद हसन ने बताया कि शुक्रवार (19 दिसंबर) सुबह करीब 4:30 बजे तक अख़बार के सभी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था. इससे पहले, रात करीब 2:40 बजे तक प्रदर्शनकारी अख़बार के दफ़्तर के बाहर जमा रहे और कुछ लोगों को सेना के जवानों के साथ इमारत के अंदर जाते हुए भी देखा गया.
उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की सरकार के ख़िलाफ़ साल 2024 के जनांदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल शरीफ़ उस्मान हादी अपने भाषणों के लिए जाने जाते थे, जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जाते थे. अपने संबोधनों में वे इंसाफ, जवाबदेही, सम्मान और न्याय की बात करते थे. उनके समर्थकों के लिए हादी ऐसे राजनीतिक माहौल में एक ईमानदार चेहरा थे, जहां वंशवादी राजनीति और पर्दे के पीछे होने वाले सौदों हावी हैं.
हादी इंक़िलाब मंचों के संयोजक थे और फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव में बांग्लादेश संसद की एक सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे.
प्रदर्शनकारियों ने ढाका में द डेली स्टार के दफ़्तर के बाहर न्यू एज अख़बार के संपादक नूरुल कबीर पर भी हमला किया.
बीडीन्यूज के अनुसार, कबीर वहां जमा भीड़ से बात करने पहुंचे थे, जो अख़बार के दफ़्तर में तोड़फोड़ और आगज़नी कर रही थी. शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे सेना की मौजूदगी में हुई इस घटना के एक वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ कबीर को धक्का देती है, उनका कॉलर पकड़ती है और उन्हें ‘अवामी लीग का एजेंट’ और ‘सिविल सोसाइटी एजेंट’ कहती है.
हादी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इसे देश के राजनीतिक और लोकतांत्रिक परिदृश्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया. राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने लोगों से अपने शोक को ताक़त में बदलने की अपील की और शनिवार (20 दिसंबर) को राजकीय शोक दिवस घोषित किया.
यूनुस ने कहा, ‘इस हत्या में शामिल सभी लोगों को जल्द से जल्द क़ानून के दायरे में लाया जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी.’
