नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न के आरोपी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में सामने आए हैं.
उनका यह यह बयान दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सेंगर की सज़ा निलंबित किए जाने के हालिया फ़ैसले के बाद आया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट के इस फ़ैसले पर रोक लगा दी है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में एक नाबालिग से बलात्कार का दोषी ठहराया गया था. बाद में वह पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में भी दोषी पाए गए थे. पिछले सप्ताह दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की सज़ा निलंबित करते हुए उन्हें सशर्त ज़मानत दे दी, जिससे उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ़ हो गया.
इस फ़ैसले के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिस पर व्यापक जान आक्रोश भी देखने को मिला. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर) को सेंगर की संभावित रिहाई को लेकर उठे विरोध के मद्देनज़र दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी.
इसी बीच, बृजभूषण शरण सिंह ने ‘यूपी तक’ चैनल के एक पॉडकास्ट के दौरान पीड़िता और उनके परिवार द्वारा विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘इस तरह का नाटक नहीं होना चाहिए.’
Brij Bhushan on Unnao rape case: कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर मचे बवाल के बीच BJP के पूर्व सांसद brij bhushan sharan singh ने दे दिया बड़ा बयान..UPtak के खास Podcast शो ‘यूपी की बात’ में कहा-सेंगर के खिलाफ हुई साजिश..पीड़िता के इंडिया गेट के प्रदर्शन को बताया ड्रामा!… pic.twitter.com/GGS2SK4jxh
— UP Tak (@UPTakOfficial) December 27, 2025
उन्होंने कहा, ‘सज़ा किसने दी? अदालत ने. और सज़ा निलंबित किसने की? अदालत ने. जब अदालत ने सेंगर को सज़ा दी थी, तब आपको वह फ़ैसला पसंद आया. अब जब अदालत ने सज़ा निलंबित की है, तब आप सवाल उठा रहे हैं. इसका मतलब है कि आप अदालत पर भरोसा नहीं करते.’
जब उनसे पूछा गया कि उनके ख़िलाफ़ साज़िश क्यों रची जाएगी, तब पूर्व सांसद के पास इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं था.
सेंगर पर लगे आरोपों की गंभीरता के बारे में पूछे जाने पर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष रहे बृजभूषण ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ लगे आरोप भी उतने ही गंभीर थे, लेकिन वह खुद को इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं मानते.
बृजभूषण ने यह भी दावा किया कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप एक ‘वैश्विक साज़िश’ का हिस्सा थे और यह सवाल उठाया कि आज वे लोग कहां हैं जिन्होंने उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए थे. उन्होंने कहा, ‘अब कोई उनकी तरफ़ ध्यान नहीं देता.’
उन्होंने यह भी कहा कि सेंगर के ख़िलाफ़ आरोप कितने भी गंभीर क्यों न हों, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और उनकी सज़ा निलंबित होने में नैतिकता का कोई सवाल नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘नैतिकता को अदालत के फ़ैसले ने पीछे छोड़ दिया है. देश भावनाओं से नहीं, क़ानून के शासन से चलता है. क़ानून ने उन्हें जेल भेजा और क़ानून ने ही उनकी रिहाई का रास्ता खोला. इसलिए इस तरह के प्रदर्शन और ड्रामे नहीं होने चाहिए.’
हालांकि बृजभूषण ने अदालत के फ़ैसले का सम्मान किए जाने की बात कही, लेकिन साथ ही उन्होंने सेंगर के ख़िलाफ़ लगाए गए सभी आरोपों को ग़लत बताया, जबकि उन्हें अदालत द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है. उन्होंने कहा, ‘ये आरोप उनके ख़िलाफ़ एक साज़िश का हिस्सा थे.’
सेंगर के मसले पर आक्रामक रुख़ रखने के बारे में पूछे जाने पर बृजभूषण ने कहा कि इसकी वजह यह है कि वह ख़ुद भी यौन उत्पीड़न के आरोपों और उनके ख़िलाफ़ हुए व्यापक प्रदर्शनों का सामना कर रहे हैं.
ज्ञात हो कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के अध्यक्ष रहते हुए बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. महिला पहलवानों का आरोप था कि सिंह ने पेशेवर मदद के बदले यौन संबंधों की मांग की, उनके साथ छेड़छाड़ की, उनके स्तनों पर हाथ फेरा और शिकायत करने की कोशिश करने वालों को डराया-धमकाया.
इन आरोपों के बाद पहलवानों ने सिंह के ख़िलाफ़, साथ ही केंद्र सरकार और पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में लंबा आंदोलन किया था. इस दौरान कई पहलवानों ने अपने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार तक लौटा दिए थे. बाद में पुलिस ने इस आंदोलन पर कार्रवाई भी की थी.
सिंह के ख़िलाफ़ विरोध करने वाली पहलवानों में शामिल ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने सिंह के एक करीबी को डब्ल्यूएफ़आई का प्रमुख बना दिए जाने के बाद दिसंबर में कुश्ती से संन्यास ले लिया. इसके बावजूद, बृजभूषण शरण सिंह को पार्टी के भीतर प्रभाव और संरक्षण हासिल है.
बरखा त्रेहन भी सेंगर के समर्थन में
इसी कड़ी में खुद को पुरुष अधिकार कार्यकर्ता बताने वाली बरखा त्रेहन ने कुलदीप सिंह सेंगर का समर्थन करते हुए कहा है कि ‘रेप राजनीति’ बंद होनी चाहिए.
उन्नाव पीड़िता द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किए जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने सवाल उठाया, ‘जो भी रेप पीड़िता है, उसको क्या जंतर मंतर पर ही न्याय मिलेगा?’
बरखा त्रेहन ने भी जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन सेंगर के समर्थन में. ‘आई सपोर्ट कुलदीप सेंगर का बैनर’ हाथ में लिए जंतर मंतर पर वह कहती नज़र आ रही हैं, ‘मुझे दिल्ली हाईकोर्ट और देश की अदालतों पर पूरा भरोसा है, जजों ने यह फ़ैसला (सेंगर की सज़ा निलंबित किए जाने पर) बहुत सोच-समझकर लिया है.’
