अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया, राष्ट्रपति मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाने का दावा

अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ कर देश से बाहर ले जाने का दावा किया. राजधानी काराकस समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए हैं, आपातकाल घोषित किया गया है. वेनेजुएला ने इसे साम्राज्यवादी हमला बताया है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला पर ‘बड़े पैमाने पर हमला’ किया और कहा कि देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है तथा उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है. वेनेजुएला सरकार ने इसे एक ‘साम्राज्यवादी हमला’ है.

वॉशिंगटन की ओर से कई महीनों से दबाव बढ़ाए जाने के बाद रात में अंजाम दिए गए इस असाधारण सैन्य अभियान की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर दी.

पहले इस बात को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कहां हैं. वेनेजुएला के क़ानून के तहत ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ को सत्ता संभालनी होती है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. हालांकि, हमले के बाद उन्होंने एक बयान ज़रूर जारी किया.

राज्य टेलीविजन पर डेल्सी रोड्रिगेज़ ने कहा, ‘हम मादुरो के ज़िंदा होने का सबूत मांगते हैं.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार शनिवार देर शाम (अमेरिका में सुबह 4:30 बजे के बाद) ट्रुथ सोशल पर इन घटनाक्रमों की जानकारी दी.

ट्रंप ने कहा कि मादुरो को ‘उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है. यह अभियान अमेरिकी क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया. आगे विवरण साझा किए जाएंगे.’

ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने की भी घोषणा की है.

बता दें हमले के दौरान वेनेजुएला की राजधानी काराकस में कई विस्फोटों की आवाज़ें सुनाई दीं और नीची उड़ान भरते सैन्य विमान शहर के ऊपर से गुज़रे.

आपातकाल घोषित

वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार तड़के बमबारी की खबरों के बाद देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है.

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने वेनेजुएला के भीतर विस्फोटों और सैन्य गतिविधियों की पुष्टि की और इस स्थिति पर चर्चा के लिए ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (OAS) और संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक बुलाने की अपील की.

काराकस प्रशासन ने इन विस्फोटों को ‘सैन्य आक्रमण’ बताया है. सरकार के मुताबिक, हमले न सिर्फ राजधानी काराकस में हुए, बल्कि मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वाइरा राज्यों में भी विस्फोट हुए हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काराकस के निवासियों ने बताया कि शनिवार तड़के शहर में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. शहर के दक्षिणी हिस्सों में, जो एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने के पास हैं, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई.

आखिरी बार शुक्रवार को नज़र आए थे मुदरो

अमेरिकी क़ानून के तहत इस हमले के कानूनी नतीजे क्या होंगे, यह तुरंत स्पष्ट नहीं था.

यूटा से रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की है, जिन्होंने उन्हें इस हमले की जानकारी दी.

ली के मुताबिक, रुबियो ने बताया कि निकोलस मादुरो को अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है, ताकि उन पर संयुक्त राज्य अमेरिका में आपराधिक आरोपों के तहत मुक़दमा चलाया जा सके.

व्हाइट हाउस ने इस पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया कि मादुरो और उनकी पत्नी को कहां ले जाया जा रहा है.

मार्च 2020 में न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में मादुरो पर ‘नार्को-आतंकवाद’ की साजिश के आरोप में अभियोग (इंडिक्टमेंट) लगाया गया था.

मादुरो आख़िरी बार शुक्रवार को राज्य टेलीविज़न पर दिखाई दिए थे, जब वे काराकस में चीनी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात कर रहे थे.

30 मिनट तक चला हमला

साल 2026 के तीसरे दिन तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकस में हुए कम से कम सात धमाकों से शहर में अफरा-तफरी मच गई. कई लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए, जबकि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर धमाकों को देखने और सुनने की जानकारी साझा की.

तुरंत यह साफ़ नहीं हो सका कि इन धमाकों में कोई हताहत हुआ है या नहीं. यह हमला करीब 30 मिनट से भी कम समय तक चला, लेकिन आगे और कार्रवाई होगी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं था. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये हमले ‘सफलतापूर्वक’ किए गए.

धमाकों से पहले ही अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने ‘चल रही सैन्य गतिविधियों’ का हवाला देते हुए वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन मादुरो पर दबाव लगातार बढ़ा रहा है. मादुरो पर अमेरिका में नार्को-आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं.

पिछले सप्ताह सीआईए ने एक ड्रोन हमला किया था, जो एक ऐसे डॉकिंग एरिया को निशाना बनाकर किया गया था. यह सितंबर में अमेरिकी हमलों की शुरुआत के बाद वेनेजुएला की ज़मीन पर किया गया पहला ज्ञात प्रत्यक्ष अमेरिकी ऑपरेशन था.