ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात दोहराई, डेनमार्क ने कड़ा विरोध जताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. डेनमार्क ने इसका विरोध किया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड की खनिज संपदा और रणनीतिक महत्व को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (फोटो: एपी/पीटीआई)

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (4 जनवरी 2025) को फिर दोहराया कि ग्रीनलैंड अमेरिका का हिस्सा बनना चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया है जब डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ़्रेडरिक्सन ने ट्रंप से ग्रीनलैंड को लेकर ‘धमकी भरी भाषा’ बंद करने की अपील की थी.

वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ गई है. ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वह ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करना चाहते हैं, क्योंकि यह आर्कटिक क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने यह इच्छा एक बार फिर स्पष्ट की है.

ट्रंप ने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से हमें ग्रीनलैंड की ज़रूरत है और डेनमार्क इसे अकेले संभाल नहीं सकता.’

रविवार को ट्रंप के सलाहकार स्टीफ़न मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड के मैप को अमेरिका के झंडे के रंगों में बदलकर शेयर किया और लिखा- ‘जल्द ही.’

इस पर डेनमार्क संघ ने कड़ा विरोध जताया है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा, ‘अमेरिका का ग्रीनलैंड पर कब्जा करना उचित नहीं है. देशों के बीच रिश्ते आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय क़ानून पर आधारित होते हैं, न कि ऐसे प्रतीकात्मक इशारों पर.’

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री येन्स-फ़्रेडरिक नील्सन ने केटी मिलर की पोस्ट को ‘अपमानजनक’ बताया और कहा, ‘हमारा देश बिकाऊ नहीं है और हमारा भविष्य सोशल मीडिया पोस्ट से तय नहीं होता. घबराने या चिंता करने की कोई वजह नहीं है.’

ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका अनिश्चितकाल तक वेनेज़ुएला को नियंत्रित करेगा और वहां के विशाल तेल भंडार का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने ग्रीनलैंड की अहम खनिज संपदा को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया.

द अटलांटिक के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि वेनेज़ुएला ऑपरेशन का ग्रीनलैंड पर क्या असर पड़ेगा, तो ट्रंप ने कहा कि इसका फैसला दूसरों पर छोड़ना होगा.

इस बीच, अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेन्सन ने केटी मिलर की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका देश नाटो का सदस्य है और आर्कटिक सुरक्षा में अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है. सोरेन्सन ने लिखा, ‘हम क़रीबी सहयोगी हैं और आगे भी इसी तरह काम करना चाहिए.’

केटी मिलर ट्रंप के पहले कार्यकाल में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में उप-प्रेस सचिव रह चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति माइक पेंस के लिए संचार निदेशक और प्रेस सचिव के तौर पर काम किया.