आईसीसी ने बांग्लादेश की भारत में होने वाले टी-20 विश्व कप मैच श्रीलंका में कराने की मांग ठुकराई

बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिज़ुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी-20 विश्व कप 2026 के दौरान भारत में होने वाले अपने मैचों को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रीलंका में कराने की मांग की थी, जिसे जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने ख़ारिज कर दिया है.

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि दोनों देशों के बीच अस्थिर राजनीतिक हालात के मद्देनज़र कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्तफिज़ुर को उनके 9.20 करोड़ रुपये के अनुबंध से मुक्त करने का निर्देश दिया गया था. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिज़ुर रहमान को इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के स्क्वॉड से रिलीज़ किए जाने पर जन्मे विवाद के बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी से इस वर्ष फरवरी में भारत और श्रीलंका में होने वाले टी-20 विश्व कप के दौरान भारत में प्रस्तावित अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग की थी.

भारत के गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बीसीबी की इस मांग को खारिज कर दिया है.

इससे पहले, मुस्तफिज़ुर को आईपीएल से हटाए जाने से नाराज़ बीसीबी ने देश में आईपीएल प्रसारण पर रोक लगाने का भी फैसला किया था. 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (6 जनवरी) को हुई एक वर्चुअल बैठक में आईसीसी ने बीसीबी को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रीलंका में बांग्लादेश के मैच कराने के अनुरोध को अस्वीकार करने की जानकारी दी. आईसीसी ने यह भी चेतावनी दी कि बांग्लादेश की पुरुष टीम टी-20 विश्व कप खेलने के लिए भारत आने के लिए बाध्य है और ऐसा न करने पर उसे टूर्नामेंट में अंक गंवाने पड़ सकते हैं.

यह बैठक 4 जनवरी को बीसीबी की एक आपात बैठक के बाद हुई, जिसके बाद बोर्ड ने औपचारिक रूप से आईसीसी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि बांग्लादेश के मैच भारत से बाहर कराए जाएं, ताकि ‘बांग्लादेशी खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, बोर्ड सदस्यों और अन्य हितधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.’ 

मंगलवार की इस बैठक को लेकर बीसीबी या आईसीसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है.

टी-20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित होना है. बांग्लादेश अपने अभियान की शुरुआत कोलकाता में करेगा, जहां वह 7 फरवरी को वेस्टइंडीज़, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के साथ मैच खेलेगा. इसके बाद टीम 17 फरवरी को नेपाल के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला मुंबई में खेलेगी.

विवाद की शुरुआत

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि दोनों देशों के बीच अस्थिर राजनीतिक हालात के मद्देनज़र कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्तफिज़ुर को उनके 9.20 करोड़ रुपये के अनुबंध से मुक्त करने का निर्देश दिया गया था, जिसके बाद यह सारा विवाद शुरू हुआ. 

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और बीसीसीआई के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने मुस्तफिज़ुर को रिलीज़ करने के मुद्दे पर कोई बैठक नहीं की थी. यह फैसला कथित तौर पर बीसीसीआई प्रबंधन के शीर्ष स्तर से सीधे तौर पर टीम तक पहुंचाया गया.

इसके बाद नाराज़ बीसीबी ने बांग्लादेश में आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी. 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के ऊपर सामने आ रही हिंसा की घटनाओं के बीच भारतीय दक्षिणपंथ से जुड़े लोग मुस्तफ़िज़ुर को केकेआर टीम से रिलीज़ करने की लगातार मांग कर रहे थे. 

बीसीबी की आपात बैठक

बीसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘आज दोपहर (रविवार) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निदेशक मंडल की एक आपात बैठक हुई, जिसमें भारत और श्रीलंका में आयोजित होने वाले आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की गई.’

बयान में आगे कहा गया कि बोर्ड ने पिछले 24 घंटों में हुए घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए स्थिति की विस्तार से समीक्षा की और भारत में प्रस्तावित मैचों में बांग्लादेश राष्ट्रीय टीम की भागीदारी को लेकर गहरी चिंता जताई.

बीसीबी ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों, भारत में बांग्लादेशी टीम की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं और बांग्लादेश सरकार की सलाह को देखते हुए बोर्ड ने यह फैसला किया है कि वर्तमान हालात में बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम टूर्नामेंट के लिए भारत की यात्रा नहीं करेगी.