कनाडा पुलिस का दावा- बिश्नोई गैंग भारत सरकार की ओर से काम कर रहा है: रिपोर्ट

कनाडाई मीडिया प्लेटफॉर्म ग्लोबल न्यूज़ ने कनाडा पुलिस के दस्तावेज़ों के आधार पर यह जानकारी दी है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग, जो अपने आपराधिक धंधे को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है, वह भारत सरकार की ओर से काम करता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह गैंग जबरन वसूली, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी लेकर हत्याएं करता है.

(फाइल फोटो) गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई 29 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कनाडा में जबरन वसूली और सुपारी लेकर हत्या करने के आरोपी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में रॉयल कनाडा माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के एक दस्तावेज़ में कहा गया है कि यह गिरोह ‘भारत सरकार के लिए काम कर रहा है.’

यह जानकारी कनाडाई मीडिया प्लेटफॉर्म ग्लोबल न्यूज़ ने दी है.

आरसीएमपी के सुरक्षा विभाग की बिश्नोई गैंग पर रिपोर्ट में सिर्फ तीन पन्नों में ही इस आपराधिक गैंग के भारतीय सरकार से कथित संबंधों का कम से कम आधा दर्जन बार जिक्र किया गया है.

ग्लोबल न्यूज़ द्वारा प्राप्त आरसीएमपी के दस्तावेज़ में कहा गया है, ‘लॉरेंस गैंग एक हिंसक आपराधिक संगठन है, जिसकी कनाडा समेत कई देशों में सक्रियता बढ़ती जा रही है.’

दस्तावेज़ में आगे कहा गया है कि बिश्नोई गैंग राजनीतिक या धार्मिक उद्देश्यों के बजाय लालच से प्रेरित होकर जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी लेकर हत्याएं करता है.

रिपोर्ट में क्लासीफाइड ‘ए’ के रूप में चिह्नित दस्तावेज़ में आरोप लगाया है कि लॉरेंस गैंग, जो अपने आपराधिक धंधे को आगे बढ़ाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है, वह भारतीय सरकार की ओर से काम करता है.

उल्लेखनीय है कि कनाडा में बिश्नोई गैंग की बढ़ती मौजूदगी का यह गोपनीय दस्तावेज़ ग्लोबल न्यूज़ को कनाडा के सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त हुआ है.

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब कनाडाई सुरक्षा अधिकारियों ने बिश्नोई गैंग के बारे में ऐसा दावा किया है. इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी कनाडाई पुलिस ने आरोप लगाया था कि भारतीय सरकार के एजेंट बिश्नोई जैसे संगठित अपराध समूहों का इस्तेमाल दक्षिण एशियाई प्रवासी समुदाय के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने को लेकर दबाव डालने के लिए कर रहे थे.

ध्यान रहे कि यह नवीनतम दस्तावेज़ उसी दिन आरसीएमपी द्वारा जारी किया गया था, जब ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एब्बी ने भारत के लिए एक व्यापार मिशन शुरू किया था.

खबरों के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी इस साल के पहले छमाही में भारत की यात्रा करने वाले हैं.

हालांकि दस्तावेज़ पर कोई तारीख नहीं है, लेकिन इसमें जून 2025 में एब्बी द्वारा सरकार से बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित करने के अनुरोध का उल्लेख है.

मालूम हो कि 29 सितंबर 2025 को कनाडा ने औपचारिक रूप से लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ‘डर और दहशत का माहौल’ बनाने के लिए आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था. उन्होंने बिश्नोई गैंग पर कनाडा में ‘महत्वपूर्ण प्रवासी समुदायों’ के सदस्यों को निशाना बनाने का आरोप लगाया था.

भारत ने इसके जवाब में कहा था कि ‘अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध दोनों देशों के लिए एक विशेष चिंता का विषय है’ और सभी देशों को ‘इस खतरे से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए’.

इस बीच, कनाडा में सिखों का समर्थन करने वाले संगठनों ने बिश्नोई गैंग से संबंध का हवाला देते हुए भारत के साथ कनाडा के हालिया राजनयिक प्रयासों का विरोध किया है.

कनाडाई समाचार एजेंसी ने वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा के प्रवक्ता बलप्रीत सिंह के हवाले से कहा कि आरसीएमपी और कनाडाई सरकार को इस बात की जानकारी है कि बिश्नोई गैंग ‘कनाडा में लोगों को निशाना बनाने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है’.

उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को ‘राजनीतिक सुविधा’ के लिए ‘कम महत्व दिया जा रहा है.’ संगठन ने इसे बेहद चिंताजनक बताया कि ओटावा ‘कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा की कीमत पर भारत के चल रहे अंतरराष्ट्रीय दमन अभियान और बिश्नोई गैंग से उसके स्पष्ट संबंधों को नजरअंदाज करने को तैयार’ प्रतीत हो रहा है.

भारतीय सरकार ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

इस बीच ब्रिटिश कोलंबिया के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि एक ‘आपराधिक प्रक्रिया’ चल रही है और संघीय सरकार ‘साझा चिंताओं के मुद्दों’ पर भारत के साथ बातचीत कर रही है.

गौरतलब है कि बिश्नोई इस समय गुजरात की साबरमती जेल में बंद हैं. उन्हें 2015 में गिरफ्तार किया गया था.