नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का आम बजट पेश किया. इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने यूनियन बजट 2026-2027 को मंज़ूरी दी.
हालांकि, अर्थव्यवस्था को गति देने के वित्त मंत्री के तमाम दावों के बावजूद भारतीय शेयर बाज़ार में भारी गिरावट देखी गई. इसके पीछे वायदा कारोबार पर सिक्योरिटी ट्रांज़ेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाए जाने की घोषणा है.
वित्त मंत्री ने फ़्यूचर एंड ऑप्शन में एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का प्रस्ताव दिया है, जिसका असर बाज़ार पर सीधे तौर पर देखा जा सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री का यह भाषण वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में विश्व व्यवस्था में आए बड़े बदलाव, रुपये की सबसे खराब स्थिति और निर्यात में मंदी के माहौल में दिया गया है.
इस भाषण के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एक नज़र
1) सीतारमण का बजट भाषण लगभग डेढ़ घंटे का था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि अभी बजट दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन करना जरूरी है, लेकिन वित्त मंत्री के 90 मिनट के भाषण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह बजट उस प्रचार के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं है, जिसका दावा किया जा रहा था.
भाषण को ‘फीका’ बताते हुए जयराम रमेश ने कहा कि यह अपारदर्शी था – ‘क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.’
दरअसल, सीतारमण के भाषण में सहायक योजनाओं और सरकारी लक्ष्यों के बारे में विस्तृत जानकारी तो थी, लेकिन प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का कोई ज़िक्र नहीं था. हालांकि, अपलोड किए गए पीडीएफ में इन योजनाओं का संक्षिप्त विवरण दिया गया था.
2) वित्त मंत्री ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की घोषणा की और कहा कि इससे ‘सेमीकंडक्टर मिशन की गति का लाभ उठाने’ में मदद मिलेगी.
सीतारामण ने कहा कि उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि भारत पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा के लिए डिज़ाइन किए गए उपकरण और सामग्री का उत्पादन कर सके.
भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए संशोधित कार्यक्रम को 8000 करोड़ रुपये मिलेंगे. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
यह बताया गया कि भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विकास अपेक्षाकृत देर से हुआ है और यह लगभग पूरी तरह से आयात पर निर्भर है.
3) संसद में बजट भाषण से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद से वायु प्रदूषण को एक अत्यावश्यक मुद्दे के रूप में उठाने का आह्वान किया था.
उन्होंने कहा था कि यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल बन गया है जिसके लिए तत्काल सरकारी कार्रवाई और वित्तीय सहायता की आवश्यकता है.
हालांकि, भाषण में वायु प्रदूषण का कोई उल्लेख नहीं था.
वित्त मंत्री ने इस्पात और सीमेंट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर प्रयासों और उसके उपयोग के लिए 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है.
4) सीतारमण ने कहा कि जुलाई 2024 में केंद्र सरकार ने पुराने आयकर नियमों की समीक्षा शुरू की थी. 1 अप्रैल से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू होगा.
सीतारमण ने कहा कि सरलीकृत नियम जल्द ही नोटिफाई किए जाएंगे.
5) 16वें वित्त आयोग ने राज्यों को फंड हस्तांतरण के तहत 41% हिस्सेदारी बरकरार रखने की सिफारिश की है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
सीतारमण ने बताया कि आयोग ने 2026-27 के लिए राज्यों को वित्त आयोग अनुदान के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये देने की सिफारिश की है.
6) गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन को ध्यान में रखते हुए सीतारमण ने भारत भर के 15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित करने और कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग गलियारों के पास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने की योजना की घोषणा की.
मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश के युवा रील बनाकर पैसा कमा रहे हैं.
कौशल विकास पर ज़ोर देना कागज़ पर तो अच्छा लगता है, लेकिन मोदी सरकार के पिछले प्रयास खास सफल नहीं रहे हैं.
उदाहरण के लिए, हाल ही में आई सीएजी की रिपोर्ट में पाया गया कि कुल प्लेसमेंट दर मात्र 41% है और 277.40 करोड़ रुपये की धनराशि अप्रयुक्त पड़ी है.
7) केंद्रीय बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब मोदी सरकार ने विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को कमजोर कर दिया है. कई लोगों को उम्मीद थी कि यह घोषणा इस बात की पहली परीक्षा होगी कि क्या सरकार वैकल्पिक रोजगार गारंटी के अपने दावों को पूरा करने के लिए तैयार है या सक्षम है.
हालांकि, सीतारमण के भाषण में विवादास्पद नाम वाले वीबी जी राम जी बिल का कोई ज़िक्र नहीं था, जिसने मनरेगा की जगह ली है.
शहरों में भारत नौकरियों की भारी कमी और गिग इकॉनमी पर अत्यधिक निर्भरता से जूझ रहा है.
8) वित्त मंत्री ने कहा कि फाइबर और वस्त्र उद्योग के विस्तार पर एक रोजगार योजना केंद्रित होगी. योजना में वस्त्र कताई पारिस्थितिकी तंत्र और कौशल विकास के लिए कई पहलू शामिल होंगे. तकनीकी वस्त्रों के साथ-साथ एक विशाल वस्त्र पथ स्थापित किया जाएगा. सीतारमण ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से खादी हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा.
9) सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के 4.4% से कम है.
