नई दिल्ली: कपिल देव और सुनील गावस्कर समेत क्रिकेट के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है.
इन दिग्गज खिलाड़ियों ने एक खुले पत्र के ज़रिए पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि खान को योग्य विशेषज्ञों द्वारा तुरंत, पर्याप्त और निरंतर चिकित्सा सुविधा दी जाए और उनकी हिरासत की स्थितियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानवीय और सम्मानजनक हों.
पत्र में कहा गया है, ‘हिरासत में रहते हुए इमरान खान की सेहत को लेकर हालिया ख़बरें, खासकर उनकी आंखों की रोशनी में चिंताजनक कमी और पिछले ढाई वर्षों में उनकी कैद की परिस्थितियां, हमें गहरी चिंता में डालती हैं.’
All for IMRAN KHAN this is the beauty of cricket.
#T20WorldCup pic.twitter.com/wjPZ9jI5d6— Aussies Army🏏🦘 (@AussiesArmy) February 17, 2026
यह हस्तक्षेप इमरान खान के परिवार और वकील के उन दावों के बाद सामने आया है, जिनमें कहा गया है कि जेल में इलाज न मिलने के कारण उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि 85% तक चली गई है. इसके अलावा, पाकिस्तान की अदियाला जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा न मिलने के आरोपों ने देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में भी चिंता बढ़ा दी है.
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में ग्रेग चैपल, इयान चैपल, सुनील गावस्कर, कपिल देव, क्लाइव लॉयड, एलन बॉर्डर, माइकल एथर्टन, नासिर हुसैन, माइकल ब्रियर्ली, डेविड गॉवर, स्टीव वॉ, जॉन राइट, किम ह्यूजेस और बेलिंडा क्लार्क शामिल हैं.
पत्र में कहा गया, ‘इमरान खान का क्रिकेट में योगदान सर्वमान्य है. कप्तान के तौर पर उन्होंने पाकिस्तान को 1992 क्रिकेट विश्व कप की ऐतिहासिक जीत दिलाई, यह जीत कौशल, धैर्य, नेतृत्व और खेल भावना पर आधारित थी, जिसने सीमाओं के पार पीढ़ियों को प्रेरित किया.’
आगे कहा गया, ‘हममें से कइयों ने उनके खिलाफ खेला है, उनके साथ मैदान साझा किया या उनकी हरफनमौला प्रतिभा, करिश्मे और प्रतिस्पर्धी जज़्बे को आदर्श मानकर बड़े हुए. वह खेल के इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों और कप्तानों में गिने जाते हैं और खिलाड़ियों, प्रशंसकों व प्रशासकों, सभी से सम्मान पाते हैं.’
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर ने भी इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है. वहीं, भारत के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से उनके समर्थन में आवाज़ उठाने की अपील की थी.
I have seen many Indians voicing support for Imran Khan, but the Pakistani cricketers who played with him & current Pakistani cricketers are silent when he needs their support
This shows the fear of current ruling party and Pakistani military who runs the country on their own pic.twitter.com/qMCuVSqomY
— Ajay Jadeja (@AjayJadeja171) February 13, 2026
इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे. फिलहाल वे भ्रष्टाचार, हिंसा भड़काने, राजद्रोह समेत कई आरोपों में 10, 14 और 17 साल की सज़ा काट रहे हैं. खान और उनके समर्थकों का कहना है कि ये मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं. 2024 के आम चुनावों से पहले उन्हें उनकी शादी से जुड़े एक मामले में अतिरिक्त सात साल की सज़ा भी सुनाई गई थी, जिसकी व्यापक आलोचना हुई और बाद में उस फैसले को पलट दिया गया.
खिलाड़ियों के पत्र में कहा गया, ‘क्रिकेट से बढ़कर, इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में एक कठिन दौर में देश का नेतृत्व किया है. राजनीतिक मतभेदों से परे उन्हें अपने देश के सर्वोच्च पद पर लोकतांत्रिक रूप से चुने जाने का सम्मान प्राप्त है.
पत्र में आगे लिखा है, ‘हम पाकिस्तान सरकार से सम्मानपूर्वक आग्रह करते हैं कि इमरान खान को उनकी पसंद के योग्य विशेषज्ञों से तुरंत, पर्याप्त और निरंतर चिकित्सा सुविधा दी जाए; उनकी हिरासत की स्थितियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मानवीय और गरिमापूर्ण हों; निकट परिजनों को नियमित मुलाकात की अनुमति मिले; और बिना अनावश्यक देरी या बाधा के निष्पक्ष व पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जाए.’
ज्ञात हो कि एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स जैसे मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी खान के खिलाफ मामलों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और हिरासत में उनके साथ हो रहे कथित व्यवहार को लेकर चिंता जताई है. उनके बेटों सुलेमान ईसा खान और कासिम खान का आरोप है कि उन्हें ‘डेथ सेल’ में रखा गया है और मानसिक यातना दी जा रही है, हालांकि पाकिस्तानी सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंदन में रहने वाले इमरान खान के बेटे जेल में उनसे मुलाकात की अनुमति के लिए अधिकारियों से इजाज़त मांग रहे हैं.
खिलाड़ियों के पत्र के अंत में कहा गया, ‘क्रिकेट लंबे समय से देशों के बीच एक पुल की तरह रहा है. मैदान पर हमारी साझा विरासत याद दिलाती है कि मुकाबला स्टंप्स गिरने तक रहता है, लेकिन सम्मान बरकरार रहता है. इमरान खान ने अपने पूरे करिअर में इसी भावना का प्रतिनिधित्व किया है. हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे शालीनता और न्याय के सिद्धांतों को कायम रखते हुए उसी भावना का सम्मान करें. यह अपील किसी भी कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित किए बिना, खेल भावना और साझा मानवीयता के तहत की जा रही है.’
