ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों का नौवां दिन: ‘1200 से ज्यादा लोगों की मौत’

ईरान पर अमेरिका और इज़रायल का लगातार हमला नौवें दिन भी जारी है. ईरान के अनुसार अब तक 1200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. हमलों से ऊर्जा और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र प्रभावित होने की आशंका के बीच खाड़ी क्षेत्र में पानी आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया है.

7 मार्च 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों के दौरान तेहरान के दक्षिण में स्थित एक तेल भंडारण केंद्र में लगी आग से उठती लपटें. (फोटो: एपी)

नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर शुरू किए गए हमलों के बाद चल रहा संघर्ष अब नौवें दिन में पहुंच गया है. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है.

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक इस युद्ध में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपूर ने सोशल मीडिया पर बताया कि मरने वालों में करीब 200 बच्चे और लगभग 200 महिलाएं शामिल हैं. उनके मुताबिक 1000 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें करीब 400 महिलाएं शामिल हैं.

इस बीच संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र के अहम बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा उत्पादन प्रभावित होने के साथ-साथ अब पानी की आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है. खाड़ी के कई देश पीने के पानी के लिए समुद्री पानी को साफ करने वाले डीसैलिनेशन प्लांट पर निर्भर हैं.

रविवार को ईरान की ओर से बहरीन में एक डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला किए जाने की खबर सामने आई. वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमले में क़ेश्म द्वीप स्थित ईरान के एक डीसैलिनेशन संयंत्र को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्र की पानी आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.

इधर तेहरान में शनिवार देर रात इजरायली हमलों के बाद कई तेल भंडारण डिपो में आग लग गई. इसके कारण उठे घने काले धुएं ने रविवार सुबह शहर के कई हिस्सों में सूरज की रोशनी तक ढक दी. ईरानी रेड क्रेसेंट ने लोगों को जहरीले धुएं से सावधान रहने की सलाह दी है.

संस्था ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, एयर कंडीशनर बंद रखने और बारिश के तुरंत बाद बाहर जाने से बचने को कहा है, क्योंकि अम्लीय वर्षा की आशंका जताई गई है. लोगों को खुले भोजन को ढककर रखने और गले में जमा तेलीय धुएं के कणों से बचने के लिए नमक वाले पानी से गरारे करने की भी सलाह दी गई है. तेहरान के गवर्नर ने भी बाहर निकलते समय मास्क पहनने की अपील की है.

इस बीच क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है. दूतावास ने लोगों से किसी भी घटना स्थल, प्रतिबंधित स्थानों या हवाई अड्डों के अंदर की तस्वीरें और वीडियो बनाने से बचने को कहा है.

दूतावास ने यह भी सलाह दी है कि चेतावनी अलर्ट सुनने के बाद कोई फोटो या वीडियो न बनाएं और मिसाइल या मलबे से हुए नुकसान की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें. इससे पहले बहरीन में भारतीय दूतावास भी वहां रह रहे भारतीयों को सैन्य ठिकानों या सैन्य गतिविधियों से जुड़े किसी भी दृश्य को साझा न करने की सलाह दे चुका है.

लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है.