नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के बीच देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उत्तर प्रदेश और पंजाब में गैस सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े दो लोगों की कथित दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में शुक्रवार को 70 वर्षीय कढ़ाई का काम करने वाले मजदूर मुख्तियार अहमद की गैस एजेंसी के गोदाम पर एलपीजी सिलेंडर लेने के इंतजार के दौरान मौत हो गई. परिवार का दावा है कि वह लंबे समय से कतार में खड़े थे और अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद गिर पड़े.
गरही खान खाना इलाके के रहने वाले मुख्तियार अहमद के परिवार में उनकी पत्नी और सात बच्चे हैं, जिनमें पांच बेटियां शामिल हैं.
उनके भतीजे मोहम्मद वसी ने बताया कि घर का गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, इसलिए उनके चाचा एक दिन पहले लाल सराय इलाके की गैस एजेंसी गए थे. वहां लंबी कतार के बाद उन्हें एक पर्ची दी गई और अगले दिन गोदाम से भरा सिलेंडर लेने को कहा गया.
वसी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे जब मुख्तियार गोदाम पहुंचे तो वहां पहले से ही काफी लोग कतार में खड़े थे. इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह जमीन पर गिर पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें सीपीआर और छाती दबाकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हालांकि फर्रुखाबाद के जिला आपूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने इस दावे से इनकार किया कि वह लंबे समय तक कतार में खड़े थे. उनके अनुसार, सिलेंडर की बुकिंग पहले ही हो चुकी थी और वह केवल उसे लेने आए थे. अधिकारी का कहना है कि गोदाम पहुंचने के करीब आधे घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी और यह कहना गलत है कि उन्हें तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा.
इसी दिन पंजाब के बरनाला जिले में भी 66 वर्षीय भूषण कुमार मित्तल की गैस एजेंसी पर कतार में इंतजार करते समय कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.
बताया गया है कि मित्तल सुबह करीब आठ बजे शहना ब्लॉक की एक गैस एजेंसी पर एलपीजी सिलेंडर लेने पहुंचे थे और उन्हें टोकन नंबर 25 दिया गया था. करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद थकान के कारण वह एक सिलेंडर पर बैठ गए और लगभग दस बजे अचानक गिर पड़े. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मित्तल के बेटे देव राज ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनके पिता के शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है. इस घटना पर कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह ढालीवाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और यही स्थिति मित्तल की मौत का कारण बनी. उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार से परिवार को मुआवजा देने की मांग भी की.
इन घटनाओं के बीच पंजाब में एलपीजी उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है. उपभोक्ताओं का कहना है कि 11 मार्च से ऑनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण कई लोगों को एजेंसियों पर जाकर बुकिंग या सिलेंडर लेना पड़ रहा है.
डीलरों ने भी बताया कि कई बार बुकिंग होने के बाद भी उपभोक्ताओं को डिलीवरी के लिए जरूरी ओटीपी नहीं मिल रहा, जिससे वितरण में देरी हो रही है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में कहीं भी एलपीजी की कमी न होने दी जाए. उन्होंने यह भी कहा कि सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इधर, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है. राज्य सरकार के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 2,554 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई वितरकों व कालाबाजारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
सरकार का कहना है कि राज्य में 4,108 वितरकों के पास पर्याप्त एलपीजी स्टॉक मौजूद है और उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. साथ ही आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है.
अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं, जिससे कई जगह उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण गैस सिलेंडर लेने के लिए भीड़ बढ़ गई है. हालांकि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार यह कह रही हैं कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त है.
