ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले का 21वां दिन: गाज़ा नरसंहार मामले में जर्मनी ने इज़रायल से समर्थन वापस लिया

अमेरिका और इज़रायल के हमलों से शुरू हुआ ईरान संघर्ष 21वें दिन और गंभीर हो गया है. जवाबी हमलों, ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और कुवैत तक फैले असर के बीच जर्मनी ने इज़रायल से दूरी बनाई है, जबकि अमेरिका युद्ध के लिए भारी अतिरिक्त फंड की तैयारी में है.

वेस्ट बैंक के हेब्रोन के पास स्थित बीत अवा गांव में एक ब्यूटी सैलून पर ईरानी हमले के बाद मलबे के बीच खून से सना एक जूता. यह हमला 19 मार्च 2026 को हुआ था. (फोटो: एपी/महमूद इलियान)

नई दिल्ली: अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष शुक्रवार, 20 मार्च को 21वें दिन में पहुंच गया. ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है, क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं.

ईरान ने कतर स्थित रास लाफ़ान गैस सुविधा पर हमला किया, जिसे इज़रायल द्वारा साउथ पार्स गैस फील्ड्स पर हमले के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. इस हमले के बाद ईरान की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

इस बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम में जर्मनी ने गाज़ा में कथित नरसंहार के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इज़रायल के समर्थन से खुद को अलग कर लिया है. यह बदलाव खास माना जा रहा है, क्योंकि 2023 में जब दक्षिण अफ्रीका ने यह मामला उठाया था, तब जर्मनी इज़रायल के पक्ष में खड़ा था.

उधर, इज़रायल ने शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बार फिर हमले किए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सुबह के समय तेहरान पर कई हवाई हमले किए गए. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इज़रायल से ईरान के प्राकृतिक गैस ढांचे पर दोबारा हमले न करने को कहा था.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष को लेकर एक विवादास्पद बयान भी दिया है. उन्होंने ईरान पर अमेरिकी हमलों की तुलना 1941 में जापान द्वारा किए गए पर्ल हार्बर हमले से की. वॉशिंगटन में जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि युद्ध में ‘अचानक हमला’ अहम होता है. उन्होंने यह भी कहा, ‘सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन समझता है’

इस बीच अमेरिका का रक्षा विभाग (पेंटागन) ईरान के साथ चल रहे युद्ध के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर की मांग कर रहा है. यह प्रस्ताव व्हाइट हाउस को भेजा गया है और इसे मंजूरी के लिए अमेरिकी कांग्रेस के पास जाना होगा. हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस रकम की सीधे पुष्टि नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि ‘दुश्मनों को खत्म करने के लिए पैसे की जरूरत होती है’ और इसके लिए कांग्रेस से फंडिंग सुनिश्चित की जाएगी.

वहीं, कुवैत में भी हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर शुक्रवार सुबह ड्रोन से कई हमले किए गए. हमलों के बाद रिफाइनरी के कुछ हिस्सों में आग लग गई और कई यूनिट्स को बंद करना पड़ा. हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. घटनास्थल पर तुरंत फायर ब्रिगेड और आपात सेवाएं तैनात की गईं.

पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच हालात तेजी से जटिल होते जा रहे हैं, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ने की आशंका है.