नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में सोमवार (10 अगस्त) को पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में पर्यावरण मुआवजा शुल्क (Environment Compensation Charge-ECC) के संग्रह से संबंधित 280 दिनों के रिकॉर्ड गायब थे, जबकि इस मद में जमा किए गए 843.12 करोड़ रुपये अब तक खर्च नहीं किए गए हैं.
पर्यावरण मुआवजा शुल्क सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में लगाया था और इसे दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा वसूला जाता है. वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाणिज्यिक वाहनों पर यह शुल्क लगाया जाता है. बाद में इस शुल्क से प्राप्त राशि दिल्ली सरकार के खाते में जमा की जाती है.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कैग की ‘वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 से 2024-25 के बीच पर्यावरण मुआवजा शुल्क के रूप में कुल 1,624.63 करोड़ रुपये जमा किए गए. इस संग्रह से संबंधित आंकड़े तत्कालीन दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के प्रदूषण नियंत्रण प्रभाग ने उपलब्ध कराए थे.
कैग के ऑडिट में यह भी सामने आया कि एक दशक के दौरान जमा हुए 1,624.63 करोड़ रुपये में से 31 मार्च 2025 तक केवल 781.51 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए थे. इस तरह 843.12 करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं की गई थी.
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध आंकड़ों में दो अवधियों के दौरान हुई वसूली शामिल नहीं थी. पहली अवधि 6 अप्रैल से 26 अप्रैल 2018 तक की थी, जो कुल 21 दिनों की है. दूसरी अवधि 18 दिसंबर 2020 से 2 सितंबर 2021 तक की थी, जो 259 दिनों की है.
इस तरह कुल 280 दिनों के पर्यावरण मुआवजा शुल्क संग्रह का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था. कैग ने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उसे कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ.
कैग रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, पर्यावरण मुआवजा शुल्क की वसूली शुरुआती वर्षों में सबसे अधिक रही. वर्ष 2015-16 में 144.06 करोड़ रुपये जमा किए गए थे.
इसके बाद यह राशि बढ़कर 2016-17 में 358.11 करोड़ रुपये और 2017-18 में 472.63 करोड़ रुपये हो गई.
इसके बाद पर्यावरण मुआवजा शुल्क संग्रह में लगातार गिरावट दर्ज की गई. 2023-24 में 95.30 करोड़ रुपये और 2024-25 में 93.54 करोड़ रुपये जमा किए गए.
कोविड-19 महामारी के दौरान 2021-22 में सबसे कम वार्षिक संग्रह 39.40 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था.
