नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले में 444 मेगावाट क्षमता वाली विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार (13 अगस्त) शाम भूस्खलन के बाद पानी और मलबा भरने से सात श्रमिकों की मौत हो गई है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग में भूस्खलन के कारण एक जगह खाली स्थान बन गया, जिसके बाद सुरंग में पानी और मलबा भर गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अभी भी लापता है. 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यह घटना शाम करीब 7:05 बजे दो किलोमीटर लंबी टेल रेस टनल में हुई, जहां हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) निर्माण कार्य कर रही थी.
VIDEO | Uttarakhand: Seven people died and several others sustained injuries on Thursday after water and debris entered a tunnel under construction at a hydroelectric project site in Chamoli district. Latest visuals from the spot and rescue operations continue.… pic.twitter.com/kUqI23A86w
— Press Trust of India (@PTI_News) August 14, 2026
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक सुरंग के अंदर खुदाई का काम चल रहा था. इसी दौरान श्रमिकों ने तेज आवाज सुनी और इसके बाद पानी और मलबे का तेज बहाव सुरंग में आ गया, जिससे रास्ते का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया.
अधिकारियों को आशंका है कि पानी के रिसाव और भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ होगा. हालांकि घटना की सटीक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी.
इस घटनाक्रम से परिचित एक अधिकारी ने अख़बार को बताया, ‘जब सुरंग के भीतर कीचड़ और पानी का मिश्रण भरा, तो उस समय वहां 22 लोग मौजूद थे. उनकी ड्यूटी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक की थी.’
बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर करीब 1.4 किलोमीटर की दूरी पर एक खाली जगह बन गई थी, जिसके रास्ते पानी और मलबा सुरंग में भर गया.
टीएचडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पानी बाहर निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं.’
उन्होंने बताया कि सुरंग के ऊपर हुए भूस्खलन के कारण यह खाली जगह बनने की आशंका है.
अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में मरने वालों की पहचान टिहरी के निवासी प्रदीप सिंह पंवार (31), चमोली के मुकेश, बिहार के दुल्टम शर्मा, झारखंड के विजय (28) और जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और मुनेश्वर के रूप में हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि लोकेश्वर और मुनेश्वर के निवास स्थान की जानकारी अभी जुटाई जा रही है.
गोपेश्वर अस्पताल में भर्ती कराए गए 14 बचाए गए श्रमिकों की पहचान सुनील जीवन (20), हविल गुड़िया (27), निस्तार मिजार (24), विनोद रवाना (46), दीना बरला (26), खोटा राम बिसरा (22), उदय सिंह (45), तिलक राज (48), चंदन कुमार (39), अवधेश, नंदलाल, रोहित पांडे (20), प्रेम सिंह (33) और गोविंद के रूप में हुई है.
गौरतलब है कि सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात की गईं.
इस बीच उत्तराखंड के सीएम दफ़्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं.’
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी (THDC) टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए… pic.twitter.com/DLNvsIH8Gz
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) August 13, 2026
इसमें आगे कहा गया, ‘मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है. जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.’
