नई दिल्ली: राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (सीजे) संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ वकीलों के विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार (31 अगस्त) को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेजियम की सिफारिश से कुछ घंटे पहले ही जस्टिस शर्मा छुट्टी पर चले गए थे. जयपुर बेंच के नए रोस्टर के अनुसार, वह 1 से 5 सितंबर तक किसी मामले की सुनवाई नहीं करेंगे.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 24 अगस्त को जारी रोस्टर के तहत जस्टिस शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच को जनहित याचिकाओं (पीआईएल), विशेष अपीलों, आयकर से जुड़े मामलों, अवमानना मामलों, हाईकोर्ट से जुड़े मामलों और कुछ सिविल रिट याचिकाओं की सुनवाई करनी थी.
हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ वकीलों के विरोध के बाद सोमवार (31 अगस्त) को रोस्टर में बदलाव कर दिया गया है. नए रोस्टर के तहत जस्टिस इंदरजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की बेंच को इनमें से ज्यादातर मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है. सिर्फ मध्यस्थता से जुड़े मामले इस बेंच को नहीं दिए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजेआई को लिखा था पत्र
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखे थे. उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में राज्य के बाहर से किसी न्यायाधीश को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने और बाद में जस्टिस शर्मा का तबादला करने की मांग की थी.
जस्टिस मेहता ने अपने पत्रों में मामलों की सुनवाई के लिए उनकी सूची तैयार करने और प्रशासनिक अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए थे.
ये पत्र और शिकायत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. वहीं, जस्टिस शर्मा ने भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक प्रेस बयान में कहा है कि जस्टिस शर्मा को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जस्टिस मेहता की ओर से दी गई सामग्री और जस्टिस शर्मा के जवाब, दोनों पर विचार किया जाएगा.
