ईवीएम ट्रायल: बटन दबा किसी और का, वोट पड़ा किसी और को

मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में ईवीएम चेक करने आईं चुनाव अधिकारी ने गड़बड़ी सामने आने पर पत्रकारों से कहा, ख़बर छापी तो थाने में बिठा देंगे.

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फोटो: पीटीआई

मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में ईवीएम चेक करने आईं चुनाव अधिकारी ने गड़बड़ी सामने आने पर पत्रकारों से कहा, ख़बर छापी तो थाने में बिठा देंगे.

प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआई)
प्रतीकात्मक फोटो (पीटीआई)

मध्य प्रदेश में ईवीएम के ट्रायल के दौरान गंभीर गड़बड़ी सामने आने के बाद बवाल मच गया है. इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद ईवीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं.

ख़बरें हैं कि ईवीएम ट्रायल के दौरान बटन किसी और का दबाने पर वोट किसी और को पड़ा. मशीन के दो अलग-अलग बटन दबाने पर ईवीएम पेपर ट्रेल से कमल फूल की पर्ची निकली. इसके अलावा एक बटन से कांग्रेस को भी वोट पड़ा.

विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि बटन कोई भी दबाई जाए, लेकिन वोट भाजपा को पड़ रहा है. भिंड ज़िले में ईवीएम ट्रायल का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ईवीएम और वोटर वेरिफाइड पेपर आॅडिट ट्रेल (VVPAT) का ट्रायल करवा रही हैं.

भिंड की अटेर विधानसभा सीट के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है. दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक, ‘मुख्य चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ने अटेर विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेने पहुंची थीं. सलीना सिंह ने जब डमी ईवीएम के दो अलग-अलग बटन दबाए तो पेपर ट्रेल मशीन से कमल के निशान का प्रिंट निकला.’

अख़बार लिखता है, ‘मशीनों की जांच के दौरान पहले ईवीएम का चौथे नंबर का बटन दबाया गया. लेकिन छपकर निकली पर्ची पर सत्यदेव पचौरी का नाम और कमल का फूल छपा था. फिर से कोई दूसरा बटन दबाया गया. इस पर भी कमल का फूल छपा. हालांकि, तीसरी बार जब एक नंबर का बटन दबाया तो पंजा निकला. अफसर ने मीडिया को धमकाया- खबर छापी तो थाने भिजवा दूंगी.’

हालांकि, सलीना सिंह का बयान छपा है कि ‘एमपी में पहली बार ईवीएम के साथ VVPAT मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. लोग, वाेटिंग के बाद 7 सेकंड तक दिए गए वोट को देख सकेंगे. यह इलेक्शन के लिए पूरी तरह सेफ है.’

एबीपी न्यूज़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश राजपूत अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखते हैं, भिंड का वो वीडियो जिसमें ईवीएम की बटन दबाने पर पहले बीजेपी की पर्ची निकली मगर बाद में कांग्रेस और निर्दलीय की भी पर्ची निकली.

आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसौदिया ने एक वीडियो और छपी ख़बर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘बटन कोई भी दबाओ, वोट कमल को पड़ेगा… पर्ची में कुछ भी आए, प्रेस में नहीं आना चाहिए… नहीं तो पत्रकार को थाने में बिठा देंगे. लोकतंत्र खत्म.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस संबंध में कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने भी वीडियो और अख़बार की कतरन शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘दिल्ली में इस तरह चुनाव नहीं हो सकते. असम और मध्य प्रदेश में ईवीएम केवल बीजेपी को वोट कर रही हैं. यह तकनीकी गड़बड़ी नहीं हो सकती.’

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद ईवीएम मशीन में गड़बड़ी को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऐसा ही आरोप लगाया था कि जिन इलाकों में भाजपा के वोटर नहीं थे उनका वोट भी भाजपा को गया है.

नई दुनिया अख़बार के मुताबिक, ‘कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ गोविंद सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि आज मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने सभी पत्रकारों के सामने ईवीएम मशीन का डेमो परीक्षण किया. चार नंबर का बटन दबाने पर भारतीय जनता पार्टी के कमल के फूल की पर्ची निकली. इससे प्रतीत होता है समूचे देश में चुनाव अवैध तरीके से संपन्न हुए हैंं. मध्यप्रदेश में पिछले 2-3 वर्ष में जितने भी चुनाव हुए हैं उनमें बेईमानी हुई है. सरकार की साज़िश में निर्वाचन पदाधिकारी के शामिल होने का संकेत मिलते हैं.

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, चुनाव आयोग ने इस मसले पर भिंड जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा, हमने जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. उसके बाद हम इस संबंध में कोई जवाब देेंगे.