कुलभूषण तक कोई राजनयिक पहुंच नहीं दी जाएगी: पाक सेना

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, 'कानून के तहत हम जासूसी में शामिल कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते.'

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पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, ‘कानून के तहत हम जासूसी में शामिल कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते.’

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फाइल फोटो: पीटीआई

पाकिस्तान की सेना ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने से इनकार कर दिया है. कुछ दिनों पहले भारत ने राजनयिक पहुंच की मांग जोरदार ढंग से रखी थी.

जाधव (46) को कथित जासूसी के मामले में फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने पिछले सप्ताह मौत की सजा सुनाई थी. इसको लेकर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर जाधव की ‘पूर्वनियोजित हत्या’ को अंजाम दिया गया, तो द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने संवाददाताओं से कहा, ‘कानून के तहत हम जासूसी में शामिल कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच नहीं दे सकते.’

बहरहाल, नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों ने कहा कि राजनयिक पहुंच से इनकार किए जाने को लेकर पाकिस्तान की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई है.

पाकिस्तान पिछले एक साल में जाधव तक राजनयिक पहुंच की भारत की मांग को करीब एक दर्जन बार ठुकरा चुका है. मेजर जनरल गफूर ने कहा कि जाधव राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल था इसलिए उसे कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा, ‘यह (जाधव को पकड़ना और दंडित करना) सेना का फर्ज था. हमने इस पर समझौता नहीं किया और उसे सजा सुनाई. हम भविष्य में भी इस मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे.’ सेना के प्रवक्ता ने कहा कि जाधव के खिलाफ सुनवाई के लिए सभी कानूनी जरूरतें पूरी की गईं.

वहीं,  दूसरी ओर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मांग की गई है कि केंद्र सरकार कुलभूषण जाधव की रिहाई के अंतरराष्ट्रीय कोर्ट समेत सभी जरूरी उपाय तलाशे.

(एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)