तीन तलाक़ विवाद: अदालत में इतिहास लिखा जा रहा है!

भारतीय मुस्लिम समाज अपने अंदर पनप रही जड़ताओं, कठमुल्लावाद और सांप्रदायिकता से असरदार जंग लड़ने के लिए अगर इस्लाम के अंदर से ही दिशा-निर्देश ले तो ये बड़ी जीत होगी.

/

भारतीय मुस्लिम समाज अपने अंदर पनप रही जड़ताओं, कठमुल्लावाद और सांप्रदायिकता से असरदार जंग लड़ने के लिए अगर इस्लाम के अंदर से ही दिशा-निर्देश ले तो ये बड़ी जीत होगी.

प्रतीकात्मक फोटो (रॉयटर्स)

तीन तलाक़ पर सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यों की न्यायिक पीठ ने 12 मई को यानी तीन तलाक़ पर सुनवाई के दूसरे दिन ख़ुद अपनी तरफ़ से इस्लामिक विद्वान आरिफ़ मोहम्मद ख़ान को सुनने की ख़्वाहिश ज़ाहिर की और उन्हें पूरे तीस मिनट बोलने का मौक़ा दिया. इस्लामी विद्वान् और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने अदालत से मुख़ातिब होते हुए कहा कि वे सिर्फ़ एक बिंदु पर अदालत को बताना चाहेंगे और वह ये कि ‘क्या तीन तलाक़ की परंपरा या व्यवहार इस्लाम मानने की बुनियादी शर्त है?’

और इसके बाद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 12 मई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय में एक तारीख़ी तक़रीर हुई जिसमें बार बार सीधे क़ुरआन पाक़ को उद्धृत करते हुए आरिफ़ साहब ने अदालत में ये साबित किया कि एकतरफ़ा तीन तलाक़ न क़ुरान सम्मत है, न पैग़म्बर के आचार-व्यवहार सम्मत और न ही अन्य मुस्लिम समाजों में चलन में है, बल्कि ये इस्लाम-क़ुरआन-सुन्नत के ठीक विपरीत एक घिनौनी परंपरा है.

आधे घंटे क़ुरआन के उद्धरण से साबित करते हुए आरिफ़ साहब ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया, अंततः आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हठधर्मी उजागर हुई और धर्म के नाम पर चल रहे महिलाओं पर अत्याचार का पर्दाफ़ाश हो गया.

इस बीच जब आरिफ़ मोहम्मद ख़ान, जो कई बार के मेंबर पार्लियामेंट हैं, कई बार के केंद्रीय मंत्री हैं और एक प्रशिक्षित वकील भी हैं, ने जब इस एक मुद्दे पर अपनी बात रखनी शुरू की तब अदालत में ख़ामोशी छा गई. पूरा कोर्ट रूम उनके क़ुरान के पाठ और उसकी शब्दशः व्याख्या को सुनता रहा.

अदालत में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना, उनके इस्लाम विशेषज्ञ वकील, अन्य इस्लामी विद्वान इस समय अदालत में मौजूद थे लेकिन क़ुरआन से उद्धृत दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने की ज़ुर्रत किसी की नहीं हुई, जबकि ये सभी तथाकथित इस्लाम के जानकार हिंदी-उर्दू के अख़बारों, टीवी चैनलों में अपनी समझ से इस्लाम की स्त्री-विरोधी व्याख्या लिख-लिखकर इस्लाम को बदनाम करवाते रहे हैं.

पाठकों की जानकारी के लिए ये बताना ज़रूरी है कि आरिफ़ मोहम्मद ख़ान राजीव गांधी सरकार के अकेले ऐसे मुसलमान मंत्री थे, जिन्होंने भारतीय मुस्लिम महिलाओं के साथ नाइंसाफ़ी के सवाल पर मंत्रीपद को लात मार दी थी.

1986 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रचंड बहुमत से सरकार बनी थी और मुल्ला-तुष्टिकरण की बुज़दिल सियासत के तहत राजीव गांधी जैसे क़द्दावर प्रधानमंत्री ने इंसाफ़ के बजाय अपने सियासी भविष्य को सुनिश्चित करते हुए मुसलमान महिलाओं को क्रूर शौहरों की ठोकर में फ़ेंक दिया था.

सत्ता के गलियारों से ये खुसफ़ुसाहट भी मिलती रही थी की राजीव गांधी ने बाबरी मस्जिद का ताला खोलकर मुसलमानों की जो नाराज़गी मोल ले ली थी उसकी भरपाई शाह बानो केस के फ़ैसले को नीचा दिखाने के लिए ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन एक्ट’ बनाकर की थी.

यानी एक सांप्रदायिक हिंदू-तुष्टिकरण के पाप को मुल्ला तुष्टिकरण के दूसरे पाप से धोया गया और उसका नतीजा तीन दशक की ज़हरीली सांप्रदायिक राजनीति है, जिसने मुल्क को न भरने वाली खाइयों में बांट दिया.

ये राजीव गांधी की सियासत का वो दौर था, जब अभूतपूर्व बहुमत के बाद वे बेताज बादशाह बन के उभरे थे लेकिन ना-तजुर्बेकारी और ओवर कॉन्फिडेंस के चलते भयानक सियासी ग़लतियां भी कर रहे थे. ऐसे में उनके फ़ैसलों पर किस मंत्री की ज़ुर्रत थी कि चूं भी करता.

उनकी कैबिनेट में जाफ़र शरीफ़, ज़ियाउर्ररहमान अंसारी, मोहसिना क़िदवई, ग़ुलाम नबी आज़ाद और मुफ़्ती मोहम्मद सईद जैसे मुस्लिम मंत्री भी थे, लेकिन सबने इस मुद्दे पर होंठ सिल लिए. यहां तक कि आज इस विषय पर ख़ुद को ‘अमिकस क्यूरी’ के तौर पर पेश करने वाले और ख़ुद को प्रगतिशील दिखाने वाले सलमान ख़ुर्शीद जिन्होंने ऑल इन्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पक्ष लेते हुए एक किताब भी लिख मारी थी, वो भी तब स्त्री-विरोधी कैंप में पेश-पेश थे.

उस वक़्त आरिफ़ मोहम्मद ख़ान अकेले मर्द थे, जिनकी मर्दानगी मुसलमान बहनों के हक़ के साथ खड़ी हुई और जिन्होंने उस वक़्त के बादशाह और मुल्ला दोनों से बैर मोल लिया और निजी फ़ायदों से ऊपर उठ कर मंत्री पद को लात मार दी और ख़ुद इस्तीफ़ा दे दिया.

तब से आज तक आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने इस मुद्दे पर कभी समझौता नहीं किया बल्कि ख़ुद को इस्लाम-क़ुरआन के अध्ययन में ग़र्क़ कर के वो सलाहियतें पैदा की कि आज कोई मुल्ला उनके क़ुरानी तर्कों, व्याख्याओं और जानकारी को अदालत में चुनौती नहीं दे पाया.

पाकिस्तान की मशहूर फिल्म ‘ख़ुदा के लिए’ का वो शाहकार दृश्य याद कीजिए जब इस्लामी विद्वान मौलाना वली पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत में आकर क़ुरान और इस्लाम के संदर्भों को ही उद्धृत कर के, जिहादी-कठमुल्ले मौलाना ताहिरी की स्त्री-विरोधी इस्लामी व्याख्याओं की धज्जियां उड़ा देते हैं, तो कठमुल्ला ताहिरी तिलमिला कर मैदान छोड़ देता है.

आज फ़र्क़ ये है कि आरिफ़ मोहम्मद ख़ान के चेहरे पर दाढ़ी-टोपी नहीं थी बस. इस्लामी-नारीवादी विचारक के तौर पर मैंने हमेशा ये माना है कि मुस्लिम समाजों को जिस कठमुल्ला और स्त्री विरोधी विचारधारा ने घेर रखा है उसका इलाज पश्चिमी आधुनिकता और मार्क्सवादी प्रगतिशीलता से नहीं हो सकता.

पश्चिम की ये दोनों विचारधाराएं आपको धर्म-विमुख होने के सिवा दूसरा रास्ता नहीं सुझातीं. धर्म-विमुख होने का व्यावहारिक नुकसान यह है कि आप समुदाय से बाहर ठेल दिए जाते हैं और समुदाय के अंदर के विमर्श से ख़ारिज कर दिए जाते हैं. मार्क्सवादी मुसलमानों के साथ यही हुआ है.

भारतीय मुस्लिम समाज अपने अंदर पनप रही जड़ताओं, कठमुल्लावाद और सांप्रदायिकता से असरदार जंग लड़ने के लिए अगर इस्लाम के अंदर से ही मानवतावादी दिशा-निर्देश ले सकता है और मुल्ला की काट इस्लाम से दे सकता है तो ये बड़ी जीत होगी. इस्लाम ख़ुद एक सुधारवादी आंदोलन की तरह फैला है, सुधार जारी रहने चाहिए.

(लेखिका सामाजिक कार्यकर्ता हैं.)

pkv games https://sobrice.org.br/wp-includes/dominoqq/ https://sobrice.org.br/wp-includes/bandarqq/ https://sobrice.org.br/wp-includes/pkv-games/ http://rcgschool.com/Viewer/Files/dominoqq/ https://www.rejdilky.cz/media/pkv-games/ https://postingalamat.com/bandarqq/ https://www.ulusoyenerji.com.tr/fileman/Uploads/dominoqq/ https://blog.postingalamat.com/wp-includes/js/bandarqq/ https://readi.bangsamoro.gov.ph/wp-includes/js/depo-25-bonus-25/ https://blog.ecoflow.com/jp/wp-includes/pomo/slot77/ https://smkkesehatanlogos.proschool.id/resource/js/scatter-hitam/ https://ticketbrasil.com.br/categoria/slot-raffi-ahmad/ https://tribratanews.polresgarut.com/wp-includes/css/bocoran-admin-riki/ pkv games bonus new member 100 dominoqq bandarqq akun pro monaco pkv bandarqq dominoqq pkv games bandarqq dominoqq http://ota.clearcaptions.com/index.html http://uploads.movieclips.com/index.html http://maintenance.nora.science37.com/ http://servicedesk.uaudio.com/ https://www.rejdilky.cz/media/slot1131/ https://sahivsoc.org/FileUpload/gacor131/ bandarqq pkv games dominoqq https://www.rejdilky.cz/media/scatter/ dominoqq pkv slot depo 5k slot depo 10k bandarqq https://www.newgin.co.jp/pkv-games/ https://www.fwrv.com/bandarqq/ dominoqq pkv games dominoqq bandarqq judi bola euro depo 25 bonus 25