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कुलभूषण जाधव मामले में 17 जुलाई को फैसला सुनाएगी अंतरराष्ट्रीय अदालत

इस फैसले से यह तय हो जाएगा कि एक भारतीय नागरिक जाधव को राजनयिक पहुंच न देकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया या नहीं.

New Delhi: File photo of former Indian naval officer Kulbhushan Jadhav who is on death row in Pakistan on charges of 'espionage'. International Court of Justice has asked Pakistan to stay his death sentence. PTI Photo (PTI5_10_2017_000220B)

कुलभूषण जाधव. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने गुरुवार को कहा कि वह भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से संबंधित मामले में 17 जुलाई को अपना फैसला सुनाएगी. वे इस समय पाकिस्तान की जेल में बंद हैं.

भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी जाधव को 2016 में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था और पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 2017 में उन्हें जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी.

इस फैसले के खिलाफ भारत ने मई 2017 में आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद आईसीजे ने अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी.

भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच नहीं देने के लिए पाकिस्तान पर वियना संधि और मानवाधिकार नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

आईसीजे ने बयान में कहा कि हेग के ‘पीस पैलेस’ में 17 जुलाई को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे सार्वजनिक बैठक होगी और इस दौरान अदालत के प्रमुख न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ फैसला पढ़कर सुनाएंगे.

अंतरराष्ट्रीय अदालत ने फरवरी में चार दिन की सुनवाई की थी जिसमें भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपनी अपनी दलीलें रखी थी.

भारत ने आईसीजे से जाधव की मौत की सज़ा को रद्द करने तथा उनकी तुरंत रिहाई का आदेश देने का अनुरोध किया है और कहा है कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत का फैसला ‘हास्यास्पद सुनवाई’ पर आधारित है और वाजिब प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों तक को संतुष्ट नहीं कर पाता है.

भारत ने कहा कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां उनके कारोबारी हित हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)