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मानसी जोशी ने विश्व पैरा बैडमिंटन में जीता स्वर्ण

24 अगस्त को भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने स्विटजरलैंड के बासेल शहर में विश्व पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल के फाइनल मुकाबले में हमवतन पारुल परमार को हराया था. अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने जीते 12 पदक.

बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद के साथ मानसी जोशी. (फोटो साभार: ट्विटर)

बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद के साथ मानसी जोशी. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में किसी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी द्वारा पहला स्वर्ण पदक जीतने से एक दिन पहले ही विश्व पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भारतीय खिलाड़ी मानसी जोशी ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया था.

बीते 25 अगस्त को भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं. इससे एक दिन पहले 24 अगस्त को भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मानसी जोशी ने स्विटजरलैंड के बासेल शहर में विश्व पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के महिला एकल के फाइनल मुकाबले में हमवतन पारुल परमार को 21-12, 21-7 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया था.

मानसी ने 2011 में एक दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवा दिया था. इस घटना के आठ साल बाद फाइनल में उन्होंने तीन बार की विश्व चैंपियन परमार को पराजित किया. इसी साल मानसी को पारुल परमार से तीन मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था.

मानसी जोशी पुलेला गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं. मानसी ने इंजीनियरिंग की है. साल 2010 में उन्होंने मुंबई के केजे सोमैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की थी.

भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 12 पदक जीते, जिसमें तीन स्वर्ण और तीन रजत शामिल हैं.

प्रतियोगिता में प्रमोद भगत और मनोज सरकार ने पुरुष युगल एसएल 3-4 वर्ग के फाइनल में हमवतन नीतेश कुमार और तरुण ढिल्लन को 14-21, 21-15, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. प्रमोद भगत का यह दूसरा स्वर्ण पदक है. इससे पहले उन्होंने पुरुष युगल एसएल 3-4 का खिताब भी जीता था.

प्रधानमंत्री ने भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम को बधाई दी

प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा 12 पदक जीतने के बाद कांस्य पदक जीतने वाले सुकांत कदम ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा था, ‘आदरणीय नरेंद्र मोदी सर हम पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने विश्व पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में 12 पदक अपने नाम किया है. हम लोग भी आपका आशीर्वाद चाहते हैं. हम आपसे मिलने का आग्रह करते हैं क्योंकि एशियन गेम्स के बाद हमने यह मौका गंवा दिया था.’

सुकांत ने यह बात नरेंद्र मोदी के उस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखी थी, जिसमें स्वर्ण पदक जीतने वाली पीवी सिंधु उनसे मिलने के लिए गई थीं. इस ट्वीट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम को बुधवार को बधाई देते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन प्रेरणादायी है.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘130 करोड़ भारतीयों को भारतीय पैरा बैडमिंटन दल पर बेहद गर्व है. पूरी टीम को बधाई जिनकी सफलता बेहद खुशी देने वाली और प्रेरणादायी है. इनमें से प्रत्येक खिलाड़ी शानदार है.’

खेल मंत्रालय ने पैरा-बैडमिंटन में पदक विजेताओं को 1.82 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए

खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने पैरा बैडमिंटन विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के बीच 1.82 करोड़ रुपये के पुरस्कार वितरित किये.

इससे पहले पैरा-एथलीटों के लिए नीति में संशोधन किया गया जिससे उन्हें पुरस्कार के तौर पर अधिक नकद राशि मिल सके.

संशोधित नीति के निर्देश के मुताबिक वैश्विक प्रतियोगिताओं के विजेता सरकार से नकद राशि के हकदार होंगे. यह पुरस्कार राशि वैसे खिलाड़ियों को मिलेगा जो अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति या अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति या उन से मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ के आयोजन में पदक जीतेगा.

यह भी फैसला किया गया कि पदक विजेताओं को प्रतियोगिता के बाद देश लौटने के दिन ही पुरस्कार दिया जाएगा और इसके लिए उन्हें साल में एक बार होने वाले कार्यक्रम का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

नियमों में संशोधन के बाद इसका पहला फायदा पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों को मिला. हाल ही में स्विट्जरलैंड के बासेल में हुए विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने 12 पदक जीते थे.

आईपीसी पैरा-बैडमिंटन प्रतियोगिताओं को मान्यता नहीं देता है और इस संशोधन से पहले ये खिलाड़ी ऐसे नकद पुरस्कार के पात्र नहीं थे.

पदक विजेता भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) परिसर में खेल मंत्री से 27 अगस्त को दोपहर के भोजन पर मिले जहां उन्हें चेक सौंपे गए. स्वर्ण पदक विजेता को 20 लाख, रजत पदक विजेताओं को 14 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को आठ लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया.

युगल स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतने वालों को 15 लाख, रजत जीतने वालों को 10.5 लाख और कांस्य पदक जीतने वालों को छह लाख रुपये के पुरस्कार दिए गए.

रिजीजू ने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते है कि सरकार से सभी खिलाड़ियों को एक समान सुविधा मिले. पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और देश को गौरवान्वित किया, वे कड़े मेहनत के लिए पुरस्कार के पात्र हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)