अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की ज़रूरत: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत ख़बरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की ज़रूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत ख़बरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की ज़रूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.

राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)
राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अर्थव्यवस्था की धीमी स्थिति को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार समस्या को स्वीकार करने में पूरी तरह से असफल रही.

उन्होंने कहा कि इस स्थिति को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार की नहीं, बल्कि ठोस नीति की जरूरत है.

एक अंग्रेजी दैनिक में छपे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साक्षात्कार का हवाला देते हुए गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है.

मालूम हो कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने बीते आठ सितंबर को अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया था. इतना ही नहीं सरकार ने अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यस्था बनाने का लक्ष्य रखा है.

हालांकि 2019-20 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर पांच फीसदी रही. यह दर पिछले छह सालों में सबसे कम है.

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत खबरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.’

गांधी ने कहा, ‘यह स्वीकार करना की समस्या है, यह नए सिरे से चीजों को शुरू करने के लिए अच्छा है.’

उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है.

मालूम हो कि मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैब सर्विस मुहैया कराने वाली कंपनियों- ओला और उबर को ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आई गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहराया था.

उन्होंने कहा था कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर युवाओं की सोच में आए बदलाव का असर पड़ रहा है, युवा अब गाड़ी खरीदने की बजाय ओला या उबर को तरजीह दे रहे हैं.

उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरा होने पर तंज करते हुए बीते आठ सितंबर को राहुल गांधी ने एक ट्वीट में कहा था कि मोदी सरकार के सौ दिन में कोई विकास नहीं हुआ.

उन्होंने यह भी लिखा, ‘लोकतंत्र को लगातार ख़त्म किया जा रहा है, आलोचनाओं को दबाने के लिए पहले से ही झुके हुए मीडिया पर शिकंजा कसा जा रहा है और बर्बाद हो रही अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्व, दिशा और योजना की साफ़ कमी दिखती है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

pkv games bandarqq dominoqq pkv games parlay judi bola bandarqq pkv games slot77 poker qq dominoqq slot depo 5k slot depo 10k bonus new member judi bola euro ayahqq bandarqq poker qq pkv games poker qq dominoqq bandarqq bandarqq dominoqq pkv games poker qq slot77 sakong pkv games bandarqq gaple dominoqq slot77 slot depo 5k pkv games bandarqq dominoqq depo 25 bonus 25 bandarqq dominoqq pkv games slot depo 10k depo 50 bonus 50 pkv games bandarqq dominoqq slot77 pkv games bandarqq dominoqq slot bonus 100 slot depo 5k