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केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन से पीएम केयर्स फंड में 157 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया: आरटीआई

यह आंकड़ा केंद्र सरकार के 50 विभागों का है. 157.23 करोड़ रुपये के इस अनुदान में से 93 प्रतिशत से अधिक की धनराशि यानी क़रीब 146 करोड़ रुपये अकेले रेलवे के कर्मचारियों के वेतन से दान किए गए हैं.

द वायर स्टाफ
15/10/2020
भारत/विशेष
(फोटो साभार: ट्विटर)
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यह आंकड़ा केंद्र सरकार के 50 विभागों का है. 157.23 करोड़ रुपये के इस अनुदान में से 93 प्रतिशत से अधिक की धनराशि यानी क़रीब 146 करोड़ रुपये अकेले रेलवे के कर्मचारियों के वेतन से दान किए गए हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर)
(फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: भारत सरकार के कर्मचारियों के वेतन से पीएम केयर्स फंड में 157.23 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है. इसमें केंद्र सरकार के 50 विभागों के स्टाफ के वेतन से दान दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस द्वारा सूचना का अधिकार कानून यानी कि आरटीआई एक्ट के तहत प्राप्त की गई जानकारी के मुताबिक इस राशि में से 146.72 करोड़ रुपये अकेले रेलवे से दान किए गए हैं. यह केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा कुल 157.23 करोड़ रुपये के अनुदान का 93 फीसदी से अधिक है.

इसके बाद दूसरे नंबर पर अंतरिक्ष विभाग है, जिसके कर्मचारियों के वेतन से पीएम केयर्स फंड में 5.18 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया. विभाग ने बताया कि कर्मचारियों ने अपने स्तर पर ये राशि दान की है.

अंतरिक्ष विभाग के बाद पर्यावरण विभाग की ओर से 1.14 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया है.

कई महत्वपूर्ण विभाग जैसे कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), गृह मंत्रालय के अधीन विभाग और डाक विभाग जैसे कार्यालयों ने आरटीआई का जवाब नहीं दिया.

मालूम हो कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जनता से आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिए 27 मार्च 2020 को पीएम केयर्स फंड का गठन किया गया था, लेकिन तभी से यह फंड अपने कामकाज में अत्यधिक गोपनीयनता बरतने को लेकर आलोचनाओं को घेरे में है.

pm cares fund
विभिन्न मंत्रालय और विभागों की ओर पीएम केयर्स फंड में दान की गई राशि. (स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस)

पीएमओ ने कहा है कि पीएम केयर्स फंड आरटीआई एक्ट, 2005 के तहत ‘पब्लिक अथॉरिटी’ नहीं है, क्योंकि इसका गठन केंद्र सरकार या किसी सरकारी आदेश के जरिये नहीं हुआ है. इस आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय पीएम केयर्स से जुड़ी कोई भी जानकारी को आरटीआई एक्ट के तहत सार्वजनिक करने से इनकार कर रहा है.

लंबे समय के बाद पीएम केयर्स ने सिर्फ ये जानकारी दी है कि इस फंड को बनने के पांच दिन के भीतर यानी कि 27 मार्च से 31 मार्च 2020 के बीच में कुल 3076.62 करोड़ रुपये का डोनेशन प्राप्त हुआ है. इसमें से करीब 40 लाख रुपये विदेशी चंदा है.

आरटीआई के जरिये पता चला था कि महारत्न से लेकर नवरत्न तक देश भर के कुल 38 सार्वजनिक उपक्रमों यानी कि पीएसयू या सरकारी कंपनियों ने पीएम केयर्स फंड में 2,105 करोड़ रुपये से ज्यादा की सीएसआर राशि दान की है.

सार्वजनिक उपक्रम ओएनजीसी ने सबसे ज्यादा 300 करोड़ रुपये, एनटीपीसी ने 250 करोड़ रुपये, इंडियन ऑयल ने 225 करोड़ रुपये सीएसआर राशि पीएम केयर्स फंड में डोनेट की है.

नियम के मुताबिक, सीएसआर राशि को उन कार्यों में खर्च करना होता है, जिससे लोगों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, नैतिक और स्वास्थ्य आदि में सुधार हो तथा आधारभूत संरचना, पर्यावरण और सांस्कृतिक विषयों को बढ़ाने में मदद मिल सके.

इंडियन एक्सप्रेस की ही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के कम से कम सात बैंकों और सात अन्य शीर्ष वित्तीय व बीमा संस्थाओं ने अपने कर्मचारियों के वेतन से कुल मिलाकर 204.75 करोड़ रुपये की राशि पीएम केयर्स फंड में दान की है.

इसके अलावा कई केंद्रीय शिक्षण संस्थानों ने अपने स्टाफ की सैलरी से पीएम केयर्स में 21.81 करोड़ रुपये की राशि दान की है.

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