नई दिल्ली: बीते साल जून में महज़ आठ दिनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर गईं एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के सदस्य बुच विल्मोर, निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के ज़रिए नौ महीनों बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं.
डीडब्लू के मुताबिक, इन अंतरिक्ष यात्रियों को एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए भारतीय समयानुसार बुधवार (19 मार्च) तड़के 3:27 पर फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित रूप से उतारा गया. इन्हें स्पेस स्टेशन से धरती पर पहुंचने में 17 घंटों का लंबा वक्त लगा.
समंदर की सतह पर आने के बाद कंट्रोल सेंटर की ओर से अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘निक, एलेक, बुच, सुनी…स्पेसएक्स घर वापसी पर आपका स्वागत करता है.’
इस संबंध में नासा के कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम के मैनेजर स्टीव स्टिच ने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत ठीक है. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्री कुछ समय के लिए रिकवरी शिप पर रहेंगे और फिर उन्हें ह्यूस्टन ले जाया जाएगा.
उन्होंने अपनी टीम का शुक्रिया कहा और ‘नासा की ज़रूरतों के मुताबिक खुद को ढालने’ के लिए अमेरिकी रईस एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की तारीफ़ की.
Home sweet home. 🏠
NASA’s SpaceX #Crew9 touched down at Johnson Space Center’s Ellington Field in Houston at 11:19 pm CDT, March 18, after their @Space_Station mission and successful splashdown earlier this afternoon.
Welcome home, Butch, Suni, Nick, & Aleksandr! pic.twitter.com/fbgWiU9ird
— NASA’s Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 19, 2025
नासा स्पेस ऑपरेशन मिशन डायरेक्टर्स के डिप्टी एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर्स जोएल मोंटालबानो ने कहा कि सुनीता और बुच ने आईएसएस पर रहते हुए 900 घंटों तक शोध किया और इस दौरान 150 वैज्ञानिक प्रयोग किए.
उन्होंने इन प्रयोगों को ‘देश के लिए लाभदायक’ बताया और उम्मीद जताई कि इस दशक के अंत तक मंगल ग्रह पर इंसान उतारने के नासा के लक्ष्य में ये मददगार साबित होंगे.
आठ दिन की यात्रा नौ महीनों में कैसे बदली?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर इन अंतरिक्ष यात्रियों की देरी का मुख्य कारण था कि बोइंग के परीक्षण यान स्टारलाइनर में खराबी आ गई थी. यह यान इन लोगों को वापस धरती पर लाने वाला था, लेकिन इस खराबी के चलते इन अंतरिक्ष यात्रियों को इतना लंबा इंतज़ार करना पड़ा.
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर जिस स्टारलाइनर स्पेस क्रॉफ्ट के ज़रिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे, उसे बोइंग ने ही बनाया था.
बीबीसी के मुताबिक, उड़ान के दौरान जब यह यान आईएसएस के क़रीब पहुंचा तो उसमें समस्याएं पैदा हो गईं. स्टारलाइनर के पांच थ्रस्टर्स बंद हो गए. अंतरिक्ष में वैक्यूम होता है, ऐसे में थ्रस्टर्स यान को दिशा देने का काम करते हैं.
इसके साथ ही इस यान का हीलियम भी ख़त्म हो गया. इससे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी और अधिक कठिन गई. यान में ख़राबी का सिलसिला यहीं नहीं रुका. अगले कुछ महीनों में यान की तकनीकी ख़ामियां बढ़ती गईं.
सुनीता विलियम्स के साथ यह पहला अवसर नहीं है, जब उनकी अंतरिक्ष से वापसी लंबित हो गई. उनकी पहली यात्रा में भी उनकी वापसी की तारीख में देर हो गई थी. उस दौरान वह छह से अधिक महीने आईएसएस पर रही थीं. उस समय नासा अटलांटिस नाम के अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल कर रहा था. कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरने के बाद इसके बाहरी सुरक्षा कवच में दरार आ गई थी.
इसके बाद अंतरिक्ष केंद्र के कंप्यूटरों में भी ख़राबी आ गई. सोलर पैनल की भी चार बार मरम्मत करने की कोशिश हुई थी. इन तमाम दिक्कतों को दुरुस्त करने के बाद अटलांटिस सुनीता विलियम्स को वापस लाने में सफल रहा था.
इसी यात्रा के दौरान उन्होंने किसी महिला द्वारा अब तक सबसे ज़्यादा समय तक किया गया स्पेसवॉक का रिकॉर्ड भी बनाया था. इस दौरान वह चार बार स्पेसवॉक पर गई थीं.
इससे पहले यह रिकॉर्ड अंतरिक्ष यात्री कैथरीन थार्नटन के नाम था. उन्होंने 21 घंटे से अधिक समय तक स्पेसवॉक का रिकॉर्ड बनाया था.
नासा ने बोइंग की जगह एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स के स्पेसक्रॉफ्ट का इस्तेममाल किया
नासा के अनुसार, बोइंग के स्पेसक्रॉफ्ट में तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से इस मिशन में देरी हुई. इस स्पेस क्रॉफ्ट में लॉन्च के दौरान समस्याएं आ रही थीं.
इसमें ऐसी समस्याएं थीं जिनकी वजह से वायुमंडल में प्रवेश करना ख़तरनाक हो सकता था. स्टारलाइनर से लीक हो रही हीलियम ने हालात को और पेचीदा बना दिया था. तमाम दिक्कतों के बावजूद स्टारलाइनर बनाने वाली कंपनी बोइंग ने लगातार यही कहा कि उनका विमान सुरक्षित है और वो अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने में सक्षम है.
इसी वजह से नासा ने तय किया कि वह एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का इस्तेमाल करेगी.
खबरों के मुताबिक, इस मिशन में देरी ने बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की विफलताओं को भी उजागर किया.
इस मिशन को लेकर राजनीति भी देखने को मिली, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिक्ष यात्रियों की जल्द वापसी की मांग की और आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति जो बिडेन ने राजनीतिक कारणों से इन लोगों को आईएसएस पर ‘छोड़ दिया’ है.
उनकी वापसी के बाद ह्वाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा है कि ‘वादा किया, वादा निभाया.. राष्ट्रपति ट्रंप ने नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने का वादा किया. आज, वे सुरक्षित रूप से अमेरिका की खाड़ी में उतर गए. धन्यवाद एलन मस्क, स्पेसएक्स और नासा.’
PROMISE MADE, PROMISE KEPT: President Trump pledged to rescue the astronauts stranded in space for nine months.
Today, they safely splashed down in the Gulf of America, thanks to @ElonMusk, @SpaceX, and @NASA! pic.twitter.com/r01hVWAC8S
— The White House (@WhiteHouse) March 18, 2025
