पन्नू हत्या साज़िश: अमेरिकी जेल में बंद भारतीय निखिल गुप्ता के मामले की सुनवाई 3 नवंबर से होगी

निखिल गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य से गिरफ़्तार किया गया था और सालभर बाद अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. उन पर भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के एक पूर्व अधिकारी विकास यादव के इशारे पर अमेरिकी नागरिक, कथित तौर पर गुरपतवंत सिंह पन्नू, की हत्या की साज़िश रचने का आरोप है.

चेक पुलिस द्वारा 18 जून 2024 को जारी किए गए वीडियो का एक स्क्रीनग्रैब, जिसमें निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने की बात कही गई है.

नई दिल्ली: अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ मुकदमा 3 नवंबर से शुरू करने का आदेश दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15,000 अमेरिकी डॉलर की नकदी अपने पास रखें, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी की ओर से एक ‘हिटमैन’ को भुगतान करने में किया गया था.

मालूम हो कि इससे पहले न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के न्यायाधीश विक्टर मारेरो ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष दोनों से जून या जुलाई में मुकदमा शुरू करने पर विचार करने को कहा था.

हालांकि, दोनों पक्षों ने नवंबर की तारीख मांगी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि इस मामले में कई प्री-ट्रायल प्रस्ताव दायर किए जाएंगे, जिन पर बहस होगी. अपने आदेश में जज मारेरो ने लगभग एक सप्ताह की अनुमानित अवधि के साथ 3 नवंबर को मुकदमा शुरू करने की तारीख तय की है.

सुनवाई की तारीख तय करने के तीन दिन बाद जज मारेरो ने सरकार की उस दलील को स्वीकार कर लिया, जिसमें जब्त की गई नकदी को सुरक्षित रखने की मांग की गई थी. इसे कथित तौर पर 9 जून, 2023 को न्यूयॉर्क में एक अंडरकवर एजेंट को ‘हिटमैन’ के रूप में सौंपा गया था.

1 अप्रैल को जारी किए गए इस आदेश में ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) सहित अमेरिकी एजेंसियों को इस धनराशि को अपने पास रखने का अधिकार दिया गया है और गुप्ता के दोषी पाए जाने पर स्थायी जब्ती की संभावना को खुला रखा गया है.

यह आदेश अमेरिकी सरकार के संपत्ति को अपने पास रखने और स्थायी जब्ती के विकल्प को सुरक्षित रखने के अधिकार को औपचारिक रूप देता है.

अक्टूबर 2024 के अभियोग के अनुसार, गुप्ता ने कथित हिटमैन को सूचित किया था कि एक सहयोगी, जिसकी पहचान केवल ‘व्यक्ति-2’ बताई गई है, उन्हें भुगतान करेगा. इस अभियोग में एक तस्वीर भी शामिल है, जिसमें एक कार में दो व्यक्तियों के बीच कैश के बंडलों का आदान-प्रदान होता हुआ दिखाया गया है.

दिलचस्प बात यह है कि सरकार के आवेदन में कहा गया है कि यह धनराशि ‘9 जून, 2023 के आसपास न्यूयॉर्क के 27वें स्ट्रीट और 11वें एवेन्यू के क्षेत्र में जी.एस. नामक व्यक्ति से जब्त की गई थी.’

मालूम हो कि निखिल गुप्ता, एक भारतीय व्यापारी है और इस समय अमेरिका में भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रॉ के एक पूर्व अधिकारी विकास यादव के इशारे पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने के आरोपों का सामना कर रहे है.

हालांकि, अदालती दस्तावेजों में टारगेट यानी किसकी हत्या की साजिश रचने का आरोप है इस नाम का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन व्यापक रूप से माना जाता है कि यह प्रतिबंधित समूह सिख फॉर जस्टिस से जुड़े अमेरिका स्थित वकील गुरपतवंत सिंह पन्नू हैं.

गौरतलब है कि गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य से गिरफ्तार किया गया था और एक साल बाद अमेरिका को प्रत्यर्पित किया गया था.

इस साल की शुरुवात में गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि चेक गणराज्य से अमेरिका प्रत्यर्पण के बाद से बीते सात महीनों में भारत सरकार ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है. इस दौरान उनका परिवार कई बार मदद मांग चुका है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है.

इस मामले में 53 वर्षीय गुप्ता ने अपने कथित सह-षड्यंत्रकारी विकास यादव से किसी भी प्रकार के संबंधों से इनकार किया है. यादव पर पन्नू की हत्या की साजिश का नेतृत्व करने का आरोप है. गुप्ता ने अमेरिकी सरकार द्वारा पेश किए गए सबूतों को ‘फर्जी और मनगढ़ंत’ बताया था.

अखबार से गुप्ता ने कहा था, ‘विकास एक आम नाम है और यादव एक बड़ा समुदाय है. मैं इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता. मैंने इस नाम का जिक्र केवल उस समय सुना जब नवंबर 2024 में नया आरोप पत्र जारी हुआ.’

उन्होंने ये भी कहा था कि अमेरिकी सरकार द्वारा पेश किए गए सबूत जैसे उनके फोन नंबर से भेजे गए संदेश और वीडियो फुटेज पूरी तरह से गढ़े हुए हैं.