नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बीते दिनों दक्षिणपंथी हिंदुत्व समूह द्वारा आयोजित एक ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की गई. इस कार्यक्रम में इससे जुड़े सात प्रस्ताव भी पारित किए गए.
इस सप्ताह की शुरुआत में लखनऊ में आयोजित इस सभा को राज्य के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता पाठक ने भी संबोधित किया.
उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू रक्षा परिषद (वीएचआरपी) ने किया था, जो थोड़ा कम चर्चित हिंदुत्व संगठन है. इसका गठन पिछले साल हुआ था और इसके सत्तारूढ़ भाजपा से करीबी संबंध है.
सामाजिक कार्यकर्ता और वीएचआरपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने द वायर को बताया कि उनका संगठन भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए अभियान चलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
इस धर्म संसद कार्यक्रम के प्रचार के लिए लखनऊ में राय द्वारा लगाए गए बैनरों पर पहलगाम में पर्यटकों पर हमले का संदर्भ दिया गया था. बैनर पर लिखा था, ‘न बंटेंगे, न कटेंगे. धर्म संसद जरूरी है. कोई धर्म पूछकर न मारे गोली.’
इस बैनर पर हिंदू एकता की वकालत की गई थी, जो पिछले साल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गढ़े गए नारे की तर्ज़ पर है.
‘भारत गौरव सनातन सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री पाठक ने सनातन धर्म की सराहना की और धर्म को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की.
मालूम हो कि ब्रजेश पाठक शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार, मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग संभालने वाले कैबिनेट मंत्री भी हैं. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन धर्म की ख्याति दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रही है.’
उन्होंने विश्व स्तर पर सनातन धर्म को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कदम उठाने और सनातन धर्म की भावना में दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने के उनके प्रयासों के लिए वीएचआरपी और राय को बधाई दी.
वीएचआरपी के उद्देश्य को अपना समर्थन देते हुए पाठक ने इसके साथ ‘कंधे से कंधा मिलाकर’ काम करने का वादा किया.
इस बैठक में सात प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें अयोध्या के विवादों में रहे पुजारी राजू दास सहित कई हिंदू संतों और हिंदुत्व नेताओं ने भाग लिया.
राय ने कहा कि एक ‘सनातनी हेल्पलाइन नंबर’ स्थापित किया जाएगा ताकि पश्चिम बंगाल और केरल जैसे मुस्लिम बहुल राज्यों या बस्तियों में रहने वाले हिंदू किसी भी समस्या का सामना करने पर मदद के लिए संपर्क कर सकें.
वीएचआरपी के एक पदाधिकारी ने बताया, ‘हम स्थानीय प्रशासन या पुलिस के माध्यम से उन्हें तत्काल मदद दिलाने की कोशिश करेंगे.’
संगठन ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की कसम भी खाई और कहा कि वह हिंदुओं और उनके मंदिरों की सुरक्षा के लिए मुस्लिम इलाकों में कार्यालय खोलेगा. वीएचआरपी ने यह भी जोड़ा कि वह पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद से जम्मू-कश्मीर तक यात्रा शुरू करेगा और हिंदुत्व के लिए काम करने वाले व्यक्तियों और समूहों के लिए एक सनातन गौरव भारत सम्मान की शुरुआत करेगा.
वीएचआरपी के एक सूत्र ने बताया कि इनका चयन राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के बाद किया जाएगा. संगठन के एजेंडा में ‘लव जिहाद’ और ‘भूमि जिहाद’ के दक्षिणपंथी प्रचार सिद्धांत भी होंगे.
वीएचआरपी ने कहा कि वह हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़कों के साथ प्यार में पड़ने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान शुरू करेगा. इसके अलावा ‘भूमि जिहाद’ को रोकने के लिए एक ‘सनातनी सेना’ जैसा कुछ बनाया जाएगा.
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