एयर इंडिया विमान हादसा: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना में जान गंवाने वालों गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय रूपाणी (68) भी शामिल हैं. रूपाणी राज्य भाजपा में महासचिव, प्रवक्ता और राज्य अध्यक्ष सहित कई शीर्ष पदों पर कार्य किया. वर्तमान में पंजाब के भाजपा प्रभारी थे.

विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय रूपाणी गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना में जान गंवाने वालों में शामिल थे. वे 68 वर्ष के थे.

विजय रूपाणी के परिवार में उनकी पत्नी अंजलि रूपाणी और दो बच्चे हैं. हालांकि, रूपाणी की यात्रा योजनाओं के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि वह अपनी पत्नी अंजलि रूपाणी को वापस लाने के लिए लंदन जा रहे थे, जो भाजपा महिला विंग की सदस्य हैं. वह कथित तौर पर पिछले छह महीनों से विदेश में रह रही हैं.

गुजरात राज्य पार्टी अध्यक्ष सीआर पाटिल सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने इस घटना में उनकी मौत की पुष्टि की है.

पाटिल ने कहा, ‘हमारे नेता और पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अपने परिवार से मिलने लंदन जा रहे थे. वह भी इस घटना में पीड़ित हैं. उनकी आत्मा को शांति मिले. यह भाजपा के लिए एक बड़ी क्षति है.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक करीबी रिश्तेदार ने बताया कि रूपाणी इस महीने की शुरुआत में अपनी पत्नी और बेटी से मिलने लंदन जाने वाले थे, लेकिन 19 जून को विधानसभा उपचुनाव के कारण उन्होंने अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए टाल दी.

दो बार मुख्यमंत्री रह चुके रूपाणी पंजाब के भाजपा प्रभारी थे, जहां लुधियाना पश्चिम में उपचुनाव होना है. गुजरात में भी दो उपचुनाव होने हैं, एक जूनागढ़ के विसवाड़ा में और दूसरा मेहसाणा के कादी में.

रूपाणी की राजनीतिक करिअर

राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट से ताल्लुक रखने वाले रूपाणी ने 1973 में आरएसएस की छात्र शाखा एबीवीपी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी. एक पूर्व स्टॉकब्रोकर, उन्होंने सौराष्ट्र-कच्छ स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और 1987 में मुख्यधारा की राजनीति में अपनी यात्रा शुरू की, जब वे पहली बार राजकोट नगर निगम के लिए चुने गए. इसके बाद वे राजकोट के मेयर बने.

रूपाणी ने राज्य भाजपा में महासचिव, प्रवक्ता और अंततः राज्य अध्यक्ष सहित कई शीर्ष पदों पर कार्य किया. 2006 में, वे राज्यसभा के लिए चुने गए.

अक्टूबर 2014 में वजुभाई वाला को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद भाजपा ने राजकोट (पश्चिम) सीट से विधानसभा उपचुनाव में रूपाणी को मैदान में उतारा. यह वह सीट थी, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2001 में पहली बार गुजरात विधानसभा में प्रवेश करते समय चुनाव लड़ा था. रूपाणी ने भाजपा के गढ़, इस सीट को आसानी से जीत लिया और उन्हें आनंदीबेन पटेल सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया, जिसमें जल आपूर्ति, श्रम और रोजगार सहित विभिन्न विभाग शामिल थे.

रूपाणी ने फरवरी 2016 में राज्य भाजपा की कमान संभाली. उसी साल अगस्त में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद आनंदीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद रूपाणी ने उनकी जगह मुख्यमंत्री का पद संभाला. पटेल और अमित शाह सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में पार्टी के राज्य मुख्यालय श्री कमलम में मैराथन बैठक के बाद नियुक्ति की गई.

रूपाणी को सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती दिसंबर 2017 के विधानसभा चुनावों में आई. पार्टी को कांग्रेस से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और 1995 के बाद से सबसे कम सीटें मिलीं. हालांकि, सीएम के रूप में रूपाणी का दूसरा कार्यकाल बिना किसी बड़े विवाद के गुजर गया, जिसमें भाजपा ने 2019 में लगातार दूसरी बार राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की.

​​इसके अलावा, भाजपा ने निकाय चुनावों में सभी आठ नगर निगमों पर कब्जा बरकरार रखा. इसके बाद के तालुका और जिला पंचायत चुनावों में भाजपा ने 2017 में कांग्रेस से खोई जमीन फिर से हासिल कर ली.

हालांकि, अगले विधानसभा चुनावों में 2017 की पुनरावृत्ति से बचने के लिए भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव किया और सितंबर 2021 में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से लेकर मंत्रियों और पदाधिकारियों तक सभी को बदल दिया.

सितंबर 2022 में अनुभवी नेता को पंजाब और चंडीगढ़ के लिए भाजपा का प्रभारी नियुक्त किया गया था और पिछले दिसंबर में महाराष्ट्र भाजपा विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था.