उत्तराखंड हेलीकॉप्टर दुर्घटना: पुलिस का ऑपरेटर पर ‘घोर लापरवाही’ का आरोप, दो प्रबंधकों पर केस

केदारनाथ के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना मामले में दर्ज एफआईआर में ऑपरेटर पर 'घोर लापरवाही' का आरोप लगाया गया है. इसमें कहा गया है कि बादलों और कोहरे के कारण खराब दृश्यता के दौरान हेलीकॉप्टर ने आवंटित समय से लगभग 50 मिनट पहले उड़ान भरी थी, जिसके चलते ये हादसा हुआ.

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मंदिर के पास एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मौके पर एनडीआरएफ के जवान. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तराखंड में रविवार (15 जून) सुबह हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर ऑपरेटर आर्यन एविएशन के दो प्रबंधकों पर गैर इरादतन हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एफआईआर में ऑपरेटर पर ‘घोर लापरवाही’ का आरोप लगाया गया है और कई कथित चूकों को सूचीबद्ध किया गया है. इसमें कहा गया है कि बादलों और कोहरे के कारण खराब दृश्यता की स्थिति के दौरान हेलीकॉप्टर ने अपने आवंटित समय से लगभग 50 मिनट पहले उड़ान भरी थी.

मालूम हो कि रविवार को केदारनाथ से चार धाम यात्रा के तीर्थयात्रियों को ले जा रहा हेलीकॉप्टर रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें दो साल के एक बच्चे सहित सभी सात लोगों की मौत हो गई थी.

इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. दुर्घटनाग्रस्त बेल 407 हेलीकॉप्टर के संचालक आर्यन एविएशन द्वारा सभी चार धाम यात्रा संचालन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और एक अलग ऑपरेटर के लिए काम कर रहे दो अन्य हेलीकॉप्टर पायलटों को ‘अनुपयुक्त मौसम की स्थिति’ में उड़ान भरने के लिए छह महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है.

इस मामले में आर्यन एविएशन के अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और एयरक्राफ्ट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

इसमें कहा गया है, ‘आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को 15 जून को सुबह 6 से 7 बजे के बीच हेलीकॉप्टर संचालन के लिए पहला उड़ान स्लॉट आवंटित किया गया था. जबकि, दुर्घटना आवंटित स्लॉट से पहले सुबह 5.30 बजे के आसपास हुई थी.’

बताया गया है कि डीजीसीए और यूसीएडीए द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, ‘प्रत्येक हेलीकॉप्टर ऑपरेटर को एसओपी के सख्त अनुपालन और आवंटित उड़ान स्लॉट के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को नियुक्त करना आवश्यक होता है, जिसे बेस मैनेजर द्वारा सुनिश्चित किया जाना होता है.’

इसमें यह भी कहा गया है कि उड़ान भरने से पहले मौसम की स्थिति की जांच करना अनिवार्य है. घटना की सुबह क्षेत्र बादलों और कोहरे से ढका हुआ था. इसके बावजूद हेलीकॉप्टर का संचालन किया गया, जो एसओपी का स्पष्ट उल्लंघन है.

एफआईआर में आगे आरोप है, ‘आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, इसके प्रबंधक विकास तोमर और जवाबदेह प्रबंधक कौशिक पाठक अच्छी तरह जानते थे कि एसओपी की अवहेलना करने से जान-माल का नुकसान हो सकता है.

इसमें आगे कहा गया है कि दुर्घटना की परिस्थितियों से पता चलता है कि आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड और इसके प्रबंधकों ने डीजीसीए और यूसीएडीए द्वारा जारी एसओपी का पालन नहीं किया और अपने कर्तव्यों को पूरा करने में घोर लापरवाही दिखाई, जिसके कारण दुर्घटना हुई.