पश्चिम बंगाल: उपचुनाव में टीएमसी की जीत के जश्न के दौरान बम विस्फोट में बच्ची की मौत

पश्चिम बंगाल के कालीगंज में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उपचुनाव में जीत हासिल की थी. पार्टी द्वारा आयोजित विजय जुलूस के दौरान हुए बम धमाके में एक दस वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. बच्ची के परिजनों ने इसके लिए सत्तारूढ़ दल को ज़िम्मेदार ठहराया है.

(फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के कालीगंज में सोमवार (23 जून) को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा आयोजित विजय जुलूस के दौरान हुए बम विस्फोट में एक दस वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. यह घटना हाल ही में हुए उपचुनाव में पार्टी द्वारा इस विधानसभा सीट पर जीत हासिल अपने पास दोबारा सुरक्षित करने के कुछ ही देर बाद सामने आई.

टीएमसी के जीत का जश्न उस समय हिंसक हो गया, जब पार्टी समर्थकों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) के समर्थकों के घरों पर बम फेंके.

ये घटना उस समय हुई, जब कालीगंज उपचुनाव में डाले गए मतों की गिनती में टीएमसी के जीत की पुष्टि हुई और सत्तारूढ़ पार्टी ने कालीगंज के मेलेंडी इलाके में जश्न मनाने के लिए एक रैली आयोजित की.

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के परिवार ने बताया कि जुलूस से बम फेंके गए, जिससे विस्फोट हुआ और दहशत फैल गई. एक देसी बम फट गया, जिसमें कक्षा 4 की छात्रा तमन्ना खातून गंभीर रूप से घायल हो गई, जो अपनी मां के साथ घर जा रही थी.

खातून की मां सबीना यास्मीन ने आरोप लगाया, ‘मैंने देखा कि बम किसने फेंके. मेरी बेटी मेरे साथ थी. हम माकपा समर्थक हैं. उन्होंने हमें निशाना बनाकर बम फेंके. हम गिर गए. जब ​​मैं उठी और अपनी बेटी को ढूंढा, तो मैंने उसे खून से लथपथ देखा. मैं उन सभी के नाम नहीं जानती, लेकिन मैं उनके चेहरे पहचानती हूं, वे सभी टीएमसी के सदस्य हैं.’

प्रत्यक्षदर्शी शोनावाज अहमद ने कहा, ‘टीएमसी कार्यकर्ता बम और हथियारों के साथ रैली कर रहे थे. उन्होंने स्थानीय माकपा समर्थक हुसैन शेख, जो तमन्ना खातून के पिता हैं, के घर को सॉकेट बम से निशाना बनाया. दस वर्षीय तमन्ना, जो उस वक्त बाहर थी, को ये बम सीने में लगा और उनकी मौत हो गई.’

इस दुखद घटना पर राज्यव्यापी आक्रोश के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक संक्षिप्त बयान में घटना पर चिंता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.

सीएम बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘मैं कृष्णानगर पुलिस जिले के बारोचंदगर में हुए विस्फोट में एक लड़की की मौत से स्तब्ध और बहुत दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं परिवार के साथ हैं. पुलिस जल्द से जल्द दोषियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कानूनी कार्रवाई करेगी.’

बच्ची के पिता ने टीएमसी को ज़िम्मेदार बताया

तमन्ना खातून के पिता और माकपा समर्थक शेख ने सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया.

शेख कहा, ‘उन्होंने जीत की रैलियों में घातक बम का इस्तेमाल किया और हमारी इकलौती बच्ची को मार डाला. मेरे मन में उनके लिए नफरत के अलावा कुछ नहीं है.’

माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा, ‘तमन्ना का मतलब है ‘उम्मीद’. वह अपने माता-पिता की एकमात्र उम्मीद थी. जो लोग कभी कहते थे कि ‘हमें बदला नहीं, बदलाव चाहिए’, उन्होंने अब नतीजों के ठीक बाद गरीब लोगों के गांव में दहशत भर दी है. यह इस बात का स्पष्ट प्रतिबिंब है कि टीएमसी राज्य पर कैसे शासन कर रही है.’

चुनाव आयोग ने इस दुखद घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

अधिकारियों ने विस्फोट के सिलसिले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, तथा अन्य दोषियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान अभी जारी है.

इस घटना के लिए आलोचनाओं का सामना कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा, ‘हम इस घटना के पीछे के दोषियों को पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. इस अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जोरों पर है. हमारी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं मृतक के परिवार के सदस्यों के साथ हैं.’

गौरतलब है कि टीएमसी की अलीफा अहमद, जो पूर्व विधायक नसीरुद्दीन अहमद की बेटी हैं, ने कालीगंज उपचुनाव में एक लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की. उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार आशीष घोष को 50,000 से अधिर वोटों से हराया.

नसीरुद्दीन शाह की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद यह सीट खाली हुई थी. इस उपचुनाव में कांग्रेस के काबिल उद्दीन शेख तीसरे स्थान पर रहे.

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