नई दिल्ली: 24 जून, 2025 को न्यूयॉर्क शहर में मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव हुआ. इस चुनाव में भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता ज़ोहरान ममदानी ने पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराकर एक बड़ी और चौंकाने वाली जीत दर्ज की है.
इस प्राइमरी में जीतने का मतलब है कि ममदानी अब डेमोक्रेटिक पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार बन गए हैं. अपनी जीत की घोषणा करते हुए ममदानी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा है, ‘…यह आप सभी की वजह से संभव हो पाया है. मैं न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार चुने जाने पर खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं.’
अब आगे क्या होगा?
न्यूयॉर्क सिटी का मुख्य मेयर चुनाव (जनरल इलेक्शन) नवंबर 2025 में होगा. इसमें सभी प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा. इसमें एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मौजूदा मेयर एरिक एडम्स भी उतर रहे हैं, और संभावना है कि एंड्रयू कुओमो भी किसी तीसरे दल या निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं.
ममदानी की जीत बड़ी क्यों मानी जा रही है?
ममदानी एक प्रगतिशील डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवार हैं. उन्होंने पारंपरिक पार्टी प्रतिष्ठानों को चुनौती दी. उनका समर्थन दक्षिण एशियाई, प्रवासी, और कामकाजी वर्ग के समुदायों से मिला. वे अमेरिका के पहले दक्षिण एशियाई मुसलमान उम्मीदवार हैं जिन्होंने इस स्तर की दौड़ में इतना बड़ा समर्थन पाया.
ममदानी कौन हैं?
ज़ोहरान ममदानी भारत में जन्मे युगांडा के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी महमूद ममदानी और भारतीय फ़िल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे हैं. ज़ोहरन का जन्म और पालन-पोषण युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ और वे सात साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ न्यूयॉर्क आ गए. 2018 में वे अमेरिका के नागरिक बने और इसी साल उन्होंने सीरियाई कलाकार रामा दुबाजी से शादी की.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्होंने मेन राज्य के बौडॉइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज़ में स्नातक की डिग्री ली है. राजनीति में आने से पहले वे एक काउंसलर के रूप में काम करते थे, जो कम आय वाले मकान मालिकों को बेदखली से बचाने में मदद करते थे. न्यूयॉर्क विधानसभा की उनकी आधिकारिक प्रोफ़ाइल के अनुसार, उन्होंने कुछ समय रैप और लेखन में भी बिताया, और फिर 2020 में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में आए.
वर्तमान में वह न्यूयॉर्क राज्य विधानसभा के सदस्य हैं और मुस्लिम डेमोक्रेटिक क्लब ऑफ न्यूयॉर्क से जुड़े हुए हैं. ममदानी खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट कहते हैं और उनकी राजनीति श्रमिक वर्ग, प्रवासी समुदाय और वंचित तबकों पर केंद्रित है.
उनकी नीतियों में किराये और रोज़मर्रा की ज़रूरतों जैसे राशन की कीमतों को सीमित करने की बात शामिल है, खासकर न्यूयॉर्क जैसे महंगे शहर में. उन्होंने कहा है कि इन योजनाओं को वे न्यूयॉर्क के सबसे अमीर 1% लोगों — यानी वे लोग जो सालाना 10 लाख डॉलर (लगभग 8.6 करोड़ रुपये) से ज़्यादा कमाते हैं — पर 2% का सीधा टैक्स लगाकर फंड करेंगे.
अन्य प्रमुख डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता जैसे बर्नी सैंडर्स और अलेक्ज़ान्द्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ ने भी उन्हें समर्थन दिया है. ममदानी को जीत की बधाई देते हुए बर्नी सैंडर्स ने एक्स पर लिखा है, ‘ज़ोहरान ममदानी और उनके हज़ारों जमीनी समर्थकों को उनकी असाधारण चुनावी मुहिम के लिए बधाई. आपने राजनीतिक, आर्थिक और मीडिया के सत्ताधारी तंत्र को सीधी टक्कर दी — और उन्हें हरा दिया. अब बारी है आम चुनाव में जीत की.’
चुनावी वादे और घोषणापत्र
ममदानी ने अपनी चुनावी मुहिम में कई जनहितकारी नीतियों को प्रमुखता से रखा:
- किराया स्थिर रखने का वादा
- सार्वजनिक बस सेवा को मुफ़्त बनाना
- सरकारी स्वामित्व वाले स्टोरों से सस्ता राशन उपलब्ध कराना
- बच्चों की निःशुल्क देखभाल सेवाएं
- नस्लीय न्याय और आव्रजन अधिकारों पर स्पष्ट रुख
उनकी टीम के मुताबिक, करीब 40,000 वालंटियर उनके अभियान से जुड़े थे और उन्होंने न्यूयॉर्क के मजदूर वर्ग, प्रवासी, यहूदी, मुस्लिम और दक्षिण एशियाई समुदायों को बड़े स्तर पर संगठित किया.
विवादों की जद में
ममदानी की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ विवादों की आंच भी तेज़ हुई. एक हिंदू-अमेरिकी संगठन ‘इंडियन अमेरिकन्स फॉर कुओमो’ ने उनके खिलाफ अभियान चलाया, जिसमें उन्हें ‘चरमपंथी विचारधारा वाला व्यक्ति’ बताया गया. इस समूह ने एक बड़े से बैनर पर ‘Save NYC from Global Intifada. Reject Mamdani’ लिखकर, उसे हवा में उड़ाया.
स्क्रॉल के मुताबिक, ममदानी पर आरोप है कि उन्होंने एक पॉडकास्ट में ‘ग्लोबलाइज़ द इंतिफ़ादा’ जैसे नारे को सही ठहराया था. उन्होंने इसे “बराबरी और न्याय की एक हताश पुकार” बताया, जबकि इस टिप्पणी को यहूदी समुदाय के एक वर्ग ने हिंसा के समर्थन के रूप में देखा.
इसके अलावा, 15 मई को एक मंच पर जब उनसे पूछा गया कि अगर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क आएं तो क्या वे उनसे मिलेंगे, तो ममदानी ने मोदी को ‘वॉर क्रिमिनल’ कह दिया. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों के नरसंहार की साजिश रची थी, और हमें उन्हें उसी नज़र से देखना चाहिए जैसे हम बेंजामिन नेतन्याहू को देखते हैं.’
इस टिप्पणी को लेकर दक्षिणपंथी दक्षिण एशियाई संगठनों ने उन पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया. हालांकि, ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड’ जैसे कुछ भारतीय-अमेरिकी संगठनों ने ममदानी का समर्थन किया और कहा कि वे दक्षिण एशियाई समुदाय को राजनीतिक रूप से सशक्त करने का काम कर रहे हैं.
आगे की चुनौती
हालांकि डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीतना न्यूयॉर्क में आम तौर पर मेयर पद तक पहुंचने का बड़ा पड़ाव माना जाता है, लेकिन इस बार की लड़ाई असामान्य है. मौजूदा मेयर एरिक एडम्स बतौर निर्दलीय मैदान में हैं और एंड्रयू कुओमो के पास अब भी किसी तीसरे दल के ज़रिए चुनाव लड़ने का विकल्प है.
