राजस्थान के ग्रामीणों का आरोप- मंत्री से सवाल के बाद पानी-बिजली काटने की कोशिश की गई

राजस्थान के पाली ज़िले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव के स्थानीय लोगों ने विधायक और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से उनके क्षेत्र में गंदी सड़कों के बारे में सवाल किया था. लोगों का आरोप है कि उसके बाद अधिकारियों को भेजकर उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए.

राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत. (फोटो: X/@JoraramKumawat)

नई दिल्ली: राजस्थान के पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव के स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विधायक और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने रविवार (13 जुलाई) को उनके गांव में अधिकारियों को भेजकर उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुमावत ने यह कदम तब उठाया जब उनके विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने मंत्री से गुड़ाई सुमेरपुर स्थित पंचायत भवन में कई विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के दौरान गंदी सड़कों के बारे में सवाल किया था.

जब जनता ने पशुपालन एवं डेयरी, गोपालन और देवस्थान विभागों के कैबिनेट मंत्री कुमावत से सवाल पूछे तो उनके कुछ समर्थकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की.

जब उन्होंने कहा कि मंत्री के पास अन्य कार्य हैं, तो स्थानीय लोग और अधिक क्रोधित हो गए, इस बीच कुमावत बिना कोई संबोधन दिए चले गए.

स्थानीय वकील किरण कुमार मीणा ने अखबार को बताया, ‘रविवार सुबह टीमें पानी और बिजली के कनेक्शन काटने के लिए भेजी गईं और दावा किया गया कि हमारे कनेक्शन अवैध हैं. हमने घर पर कनेक्शन ले रखा है, यह अवैध कैसे है? अगर आपको लगता है कि यह अवैध है, तो हमें नोटिस दें. हमारे पास पांच साल से पानी का कनेक्शन है.’

मीणा ने कहा कि मुख्य निशाना वह ही थे, क्योंकि उनके पास ज्ञापन था और वह मंत्री के सामने बोल रहे थे.

घटना के वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, ‘कल हम गांव के निवासियों ने मंत्री जोराराम के सामने अपनी समस्याएं रखी थीं और आज उन्होंने कनेक्शन काटने और हमें परेशान करने के लिए पीएचईडी टीम भेज दी है.’

मीणा ने कहा, ‘मैं एक आम आदमी हूं… हमारे पास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लगभग 200 घरों की एक ढाणी है. कल जब माननीय मंत्री जी आए, तो हम उन्हें बताना चाहते थे कि हमारे स्थानीय स्कूल की छत टपक रही है, हमारे पास सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क नहीं है और उन्हें एक ज्ञापन देना चाहते थे. लेकिन मंत्री जी और उनके समर्थकों ने हमारा ज्ञापन नहीं लिया और हमें यह कहते हुए बाहर निकाल दिया कि उनका कोई और काम है.’

विपक्षी कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की है और राज्य में पार्टी की सरकार पर जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है.

जिला प्रशासन के खिलाफ आरोपों का जवाब देते हुए जिला कलेक्टर लक्ष्मी नारायण मंत्री ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह ‘माननीय मंत्री से बात करेंगे’, और कहा, ‘हम प्रशासनिक अधिकारी हैं; हम वही करते हैं जो हमारा हक है.’