जेपी नड्डा ने ‘मानसिक संतुलन खोने’ वाली टिप्पणी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से माफ़ी मांगी

राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस टिप्पणी के संबंध में उनके 'मानसिक संतुलन खोने' की बात कही, जिस पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज़ जताया.

राज्यसभा के नेता और भाजपा अध्यक्ष जे.पी.नड्डा. (फोटो: संसद टीवी, पीटीआई)

नई दिल्ली: राज्यसभा में सदन के नए नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार (29 जुलाई) को विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनकी उस टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वरिष्ठ नेता ‘अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं.’

खरगे द्वारा उनकी टिप्पणी को ‘शर्मनाक’ बताए जाने के बाद नड्डा ने माफ़ी मांगी. यह घटना राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान हुई, जब नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खरगे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खरगे ने भाजपा सांसदों और मंत्रियों द्वारा देश की सशस्त्र सेनाओं का अपमान किए जाने पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया और प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करने और उन्हें भगवान जैसा मानने के लिए भाजपा की आलोचना की.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें भगवान के बराबर नहीं माना जाना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को बिहार में चुनाव प्रचार करने के बजाय सर्वदलीय बैठक में मौजूद रहना चाहिए था और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति मोदी की ईमानदारी पर सवाल उठाया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नड्डा ने मांग की कि खरगे के बयानों को हटा दिया जाए क्योंकि वे ‘भावनाओं में बहकर’ दिए गए थे और मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी के संबंध में उन पर ‘मानसिक संतुलन खोने’ का आरोप लगाया.

विपक्षी सदस्यों ने नड्डा की ‘मानसिक संतुलन’ वाली टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और माफ़ी की मांग की. इस पर खरगे ने कहा कि नड्डा एनडीए सरकार के उन मंत्रियों में से एक हैं जिनका वह सम्मान करते हैं और यह शर्म की बात है कि ऐसी टिप्पणी की गई.

नड्डा ने जवाब में कहा, ‘मैंने अपने शब्द पहले ही वापस ले लिए हैं, लेकिन अगर इनसे उनकी (खरगे की) भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं.’

नड्डा ने दावा किया कि खरगे ने सीमाएं लांघी और ‘भावावेश’ में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ टिप्पणी की. नड्डा ने कहा, ‘उनके पास लंबा अनुभव है. उनके भाषण के दौरान इस्तेमाल किए गए शब्दों का चयन उनके कद को नहीं दर्शाता.’