नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक सवाल के जवाब में जानकारी दी है कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच देश के समुद्री बंदरगाहों पर 11,311 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ (ड्रग्स) जब्त किए गए हैं.
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक़, 19 बड़ी जब्तियों में से अधिकांश सिर्फ़ गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर हुईं.
लिखित जवाब में राय ने बताया कि गुजरात में आठ बार ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई, जिनमें से तीन अडानी पोर्ट, मुंद्रा और एक पिपावाव पोर्ट पर थीं. इसी तरह, महाराष्ट्र में भी आठ मामले सामने आए, जिनमें ज़्यादातर मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पकड़े गए. इसके अलावा, कोलकाता से दो और तमिलनाडु के तूतीकोरिन से एक मामला रिपोर्ट हुआ.
राहुल गांधी ने सरकार से यह भी पूछा था कि क्या बंदरगाहों पर ड्रग्स की जब्ती में बढ़ोतरी हुई है और सुरक्षा मज़बूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
इस पर मंत्रालय ने जवाब दिया कि भारी मात्रा में जब्त किए गए ड्रग्स तस्करी बढ़ने का संकेत नहीं है, बल्कि प्रभावी कार्रवाई का नतीजा है. राय के बयान में कहा गया, ‘ये जब्तियां मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदमों और राज्य एवं केंद्र की एजेंसियों के बीच सफल तालमेल का परिणाम है.’
जवाब में मंत्रालय ने रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदम भी गिनाए. इनमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), नौसेना और कोस्ट गार्ड जैसी एजेंसियों द्वारा लगातार निगरानी, राज्यों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन और एनसीबी महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त समन्वय समिति का गठन शामिल है.
