नई दिल्ली: ब्राज़ील की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के एक पैनल ने गुरुवार (11 सितंबर, 2025) को पूर्व राष्ट्रपति ज़ेयर बोल्सोनारो को तख़्तापलट की साज़िश रचने का दोषी पाया और 27 साल तीन महीने की जेल की सज़ा सुनाई.
पीठ ने यह फ़ैसला दिया कि बोल्सोनारो ने सत्ता में बने रहने की साज़िश का नेतृत्व करने के दोषी हैं, जबकि वह 2022 का चुनाव अपने वामपंथी प्रतिद्वंदी लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से हार गए चुके थे.
पांच जजों की पीठ में से चार जजों ने बोल्सोनारो को दोषी ठहराया, जबकि एक ने बरी करने के पक्ष में वोट किया. पूर्व राष्ट्रपति के वकीलों ने इस सज़ा को ‘ज्यादती’ बताया और कहा कि वे ‘अपील’ दायर करेंगे.
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने उन्हें 2060 तक सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़ने से भी प्रतिबंधित कर दिया यानी उनकी सज़ा खत्म होने के आठ साल बाद तक।
फ़रार होने की आशंका के मद्देनज़र बोल्सोनारो को नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) रखा गया है.
इस फैसले के कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस सज़ा से ‘बहुत नाखुश’ हैं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा बोल्सोनारो ‘बेहतरीन’ लगे.
ट्रंप की प्रतिक्रिया पर ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला ने एक स्थानीय टीवी बैंड को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘एक देश का राष्ट्रपति किसी दूसरे देश के संप्रभु निर्णयों में दखल नहीं दे सकता. अगर वह आगे कोई कार्रवाई करने का फ़ैसला करता है, तो यह उसकी समस्या है. हम हर कदम का उसी हिसाब से जवाब देंगे.’
अमेरिका की धमकी और ब्राज़ील का जवाब
इस बीच अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि अमेरिकी सरकार इस ‘विच हंट’ पर ‘उचित प्रतिक्रिया’ देगी.
ब्राज़ील के विदेश मंत्रालय ने रुबियो की टिप्पणियों को अनुचित धमकी बताया और कहा कि इससे सरकार डरने वाली नहीं है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश की न्यायपालिका स्वतंत्र है और बोल्सोनारो को निष्पक्ष सुनवाई का पूरा अधिकार दिया गया.
ब्राज़ील के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर लिखा, ‘अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आज दी गई धमकी, जो ब्राज़ीलियाई प्राधिकरण पर हमला करती है और केस फ़ाइल में मौजूद तथ्यों व ठोस सबूतों की अनदेखी करती है, हमारी लोकतंत्र को डराने में सफल नहीं होगी.’
मंत्रालय ने आगे लिखा है, ‘हम आक्रमणों और हस्तक्षेप की कोशिशों के खिलाफ देश की संप्रभुता की रक्षा जारी रखेंगे, चाहे वे कहीं से भी आएं.’
टैरिफ़ के प्रभाव से बचने की क्या है तैयारी?
ट्रम्प ने बोल्सोनारो के खिलाफ मुक़दमे को ‘विच हंट’ बताते हुए जुलाई में ब्राज़ील से आयातित सामान पर 50% टैरिफ़ लगाने का ऐलान किया था.
सीनेटर रोज़ेरियो कार्वाल्हो ने एसोसिएटेड प्रेस से शुक्रवार (12 सितंबर) को फोन इंटरव्यू में कहा कि हमारी सरकार को अमेरिका से प्रतिशोधात्मक कदमों की उम्मीद है, और वह ब्राज़ीलियाई व्यवसायों को किसी भी झटके से बचाने के लिए कदम उठाएगी.
उन्होंने कहा, ‘सरकार के पास पहले से ही एक योजना है, जिससे प्रभावित कंपनियों को सहयोग दिया जा सके और टैरिफ़ से होने वाले नुक़सान को कम किया जा सके. ब्राज़ील आक्रामक तरीके से नए बाज़ार तलाश रहा है ताकि अमेरिकी निर्यात में संभावित गिरावट की भरपाई हो सके.’
हाल में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भी ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला ने बढ़ते टैरिफ की तीखी आलोचना की थी.
उन्होंने कहा था, ‘हमारे देश अनुचित और अवैध व्यापार प्रथाओं के शिकार हो रहे हैं… टैरिफ ब्लैकमेल को बाज़ारों पर कब्ज़ा करने और घरेलू मुद्दों में दखलंदाज़ी करने के एक हथियार के रूप में सामान्य माना जा रहा है… ये प्रतिबंध मित्र देशों के साथ व्यापार को मज़बूत करने की हमारी आज़ादी को सीमित करते हैं.’
