कांग्रेस का आरोप- सरकार ने बिहार में अडानी समूह को 1,050 एकड़ ज़मीन ‘तोहफ़े’ में दी

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने बिहार के भागलपुर ज़िले में अडानी समूह को पावर प्लांट लगाने के लिए 1,050 एकड़ ज़मीन 33 साल के लिए सिर्फ़ एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से दी है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अडानी समूह को प्रोजेक्ट सौंपना भाजपा की पुरानी रणनीति है.

गौतम अडानी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार (15 सितंबर) को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि बिहार के भागलपुर ज़िले के पीरपैंती में अडानी समूह को पावर प्लांट लगाने के लिए 1,050 एकड़ ज़मीन तोहफ़े में दे दी गई है. 

कांग्रेस के मीडिया व प्रचार विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ‘भागलपुर में अडानी को 1,050 एकड़ ज़मीन, जिसपर 10 लाख आम, लीची और सांगवान के पेड़ थे, 33 साल के लिए सिर्फ़ एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से दी गई है. 

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को हुई यात्रा के दौरान विरोध न हो, इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को नज़रबंद तक कर दिया गया.

पार्टी का कहना है कि भाजपा को बिहार विधानसभा चुनाव हारने का डर है, इसलिए यह सौदा कराया गया.

खेड़ा ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अडानी समूह को प्रोजेक्ट सौंपना भाजपा की पुरानी रणनीति है. उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में चुनाव से पहले धारावी और पावर प्रोजेक्ट अडानी को दिए गए. झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी यही हुआ. जब भी भाजपा को हार का डर होता है, अडानी को तोहफ़े दिए जाते हैं.’

उन्होंने कहा कि यह परियोजना मूल रूप से सरकार की थी.

कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख ने बताया, ‘यह 2,400 मेगावॉट का प्रोजेक्ट है, जिसकी लागत 21,400 करोड़ रुपये है. बजट में इसकी घोषणा हुई थी और तब सरकार ने कहा था कि वह इसे खुद बनाएगी. लेकिन बाद में हाथ खींच लिए और प्रोजेक्ट अडानी को दे दिया गया.’ 

कांग्रेस नेता ने सरकार पर दोहरी लूट का आरोप लगाया. ‘बिहार की ज़मीन पर, बिहार के पैसे और कोयले से बना यह प्लांट, बिहार के लोगों को ही 6 रुपये प्रति यूनिट में बिजली बेचेगा. किसानों को डराकर, पेंसिल से हस्ताक्षर करवाकर ज़मीन छीनी गई. उसी प्लांट से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को 3-4 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली मिलेगी, जबकि बिहार के उपभोक्ताओं से 6.75 रुपये वसूले जाएंगे.’

अडानी समूह का बयान

इससे पहले शनिवार (13 सितंबर) को अडानी पावर लिमिटेड ने एक बयान जारी कर जानकारी दी थी कि उसने बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) के साथ 25 साल के लिए 2,400 मेगावॉट बिजली आपूर्ति का पावर सप्लाई एग्रीमेंट किया है.

यह बिजली भागलपुर जिले के पीरपैंती में बनने वाले नए ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट से उपलब्ध कराई जाएगी.

कंपनी के अनुसार, अगस्त में बीएसपीजीसीएल की ओर से नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) की तरफ से जारी एलओए के आधार पर अडानी पावर ने यह प्रोजेक्ट हासिल किया.

कंपनी का दावा है कि उसने सबसे कम दर, 6.075 रुपये प्रति यूनिट की पेशकश कर यह परियोजना प्राप्त की है.