सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के ख़िलाफ़ एनआईए ने यूएपीए के तहत नया केस दर्ज किया

एनआईए ने सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के ख़िलाफ़ यूएपीए के तहत नया मामला दर्ज किया है. आरोप है कि पन्नू ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल क़िले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था.

गुरपतवंत​ सिंह पन्नू. (फोटो साभार: ट्विटर/@SortedEagle)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये का इनाम घोषित करने के कारण सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है.

गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के संस्थापक हैं. एनआईए ने उनके ख़िलाफ़ अब तक कुल सात एफआईआर दर्ज की है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पन्नू ने यह घोषणा 10 अगस्त को वॉशिंगटन डीसी से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसे पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में आयोजित बताया गया था. 

गृह मंत्रालय के निर्देश पर 19 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में कहा गया है कि, ‘10 अगस्त 2025 को एक्स पर @SFJ_US_Official चैनल से जारी वीडियो और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर यह पाया गया कि प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने प्रधानमंत्री को 15 अगस्त 2025 को नई दिल्ली स्थित लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए इनाम की घोषणा की.’ 

एफआईआर में आगे यह भी आरोप है कि ‘पन्नू ने ‘नए खालिस्तान का नक्शा’ जारी किया है जिसमें पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश को शामिल दिखाया गया है. साथ ही उसने घोषणा किया है कि एसएफजे ने ‘शहीद जत्था’ नाम से एक ग्रुप बनाया है जो भारत के खिलाफ लड़ेगा. इन गतिविधियों के जरिए उसने देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को चुनौती दी है तथा सिख समुदाय में असंतोष फैलाने की कोशिश की है.’

ज्ञात हो कि गृह मंत्रालय ने 10 जुलाई 2019 को एसएफजे पर प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद 1 जुलाई 2020 को पन्नू को ‘आतंकवादी’ घोषित किया गया था.

ज्ञात हो कि पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव और कथित तौर पर उनके सहयोगी निखिल गुप्ता पर अमेरिकी नागरिक, पन्नू की हत्या का आरोप है, जिसकी जांच अमेरिका में की जा रही है. निखिल गुप्ता अमेरिकी जेल में बंद हैं और उनके मामले की सुनवाई 3 नवंबर से शुरू होगी.