डोनाल्ड ट्रंप ने अब फार्मा उत्पादों के आयात पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली ब्रांडेड और पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल उत्पाद पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ट्रंप ने कहा है कि वे तब तक टैरिफ लगाएंगे जब तक वह कंपनी अमेरिका में अपनी फ़ार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाना शुरू न कर दे.’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली ब्रांडेड और पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल उत्पाद पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. (फोटो: FB/Donald J. Trump)

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली ब्रांडेड और पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल उत्पाद पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. भारतीय फार्मा उद्योग पर इस फ़ैसले का गहरा असर पड़ सकता है. 

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘1 अक्टूबर 2025 से हम किसी भी ब्रांडेड या पेटेंटेड दवा उत्पाद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने जा रहे हैं, तब तक, जब तक वह कंपनी अमेरिका में अपनी फ़ार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाना शुरू न कर दे.’ 

उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘बनाना शुरू कर दे’ (IS BUILDING) का मतलब है, जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होना या निर्माणाधीन होना. यानी अगर फ़ैक्ट्री के बनाने का काम शुरू हो चुका है तब उन कंपनियों की फार्मास्युटिकल उत्पाद पर टैरिफ नहीं लगेगा. 

यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत पर पहले से ही 50% का टैरिफ लगाया जा चुका है.

गौरतलब है कि अमेरिका, भारत की दवा निर्यात का सबसे बड़ा बाज़ार है.

फ़ार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का कुल दवा निर्यात लगभग 28 अरब डॉलर रहा, जिसमें से अकेले 8.7 अरब डॉलर का निर्यात अमेरिका को किया गया. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 की पहली छमाही में ही भारत ने 3.7 अरब डॉलर (करीब 32,505 करोड़ रुपये) की दवाइयां अमेरिका को भेजीं.

दवाओं के अलावा, ट्रंप ने 1 अक्टूबर से किचन कैबिनेट्स, बाथरूम वैनिटी और संबंधित उत्पादों पर 50% टैरिफ और भारी ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है.

इस बीच, अमेरिका ने ट्रेड एक्सपैंशन एक्ट 1962 की धारा 232 के तहत कई जांच शुरू की हैं, जो राष्ट्रपति ट्रंप को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के नाम पर टैरिफ बढ़ाने का अधिकार देती है.

हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अपनी नई घोषणाओं में यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये नए शुल्क पहले से लगे राष्ट्रीय टैरिफ के ऊपर लागू होंगे या नहीं. लेकिन जापान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ हाल ही में हुई व्यापारिक समझौते में यह प्रावधान शामिल किए गए हैं कि कुछ विशेष उत्पादों- जैसे दवाओं पर टैरिफ की सीमा तय रहेगी.