पेरिस के लूव्र म्यूज़ियम से चार मिनट में नेपोलियन युग के शाही आभूषण चोरी

19 अक्टूबर, 2025 को लूव्र म्यूज़ियम में चार मिनट में चार चोरों ने नेपोलियन युग के आठ अनमोल आभूषण चुरा लिए. चोरी के बाद म्यूज़ियम को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है. पुलिस ने फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है.

लूव्र म्यूज़ियम पेरिस में स्थित विश्वविख्यात कला और इतिहास संग्रहालय है, जो मोनालिसा और फ्रांस की शाही कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है. (फोटो: X/Musée du Louvre)

नई दिल्ली: फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित विश्वविख्यात लूव्र म्यूज़ियम, जिसे ‘मोनालिसा’ की वजह से दुनियाभर में जाना जाता है, 19 अक्टूबर 2025 की सुबह अचानक एक बड़े अपराध का शिकार बना. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बाद भी मास्क लगाए एक गिरोह ने महज़ चार से सात मिनट के भीतर म्यूज़ियम से अनमोल आभूषण चुरा लिए. इस घटना ने दुनिया भर की कला-संरक्षण व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है.

रविवार सुबह का वक्त था, जब लूव्र म्यूज़ियम अपने दर्शकों के लिए खुल ही रहा था. इसी दौरान, चार की संख्या में रहे चोर एक ट्रक पर लगे हाइड्रोलिक लिफ्ट के जरिये सीन नदी की ओर वाली बालकनी तक पहुंचे. चोरों ने अपने आपको निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों के रूप में दिखाने के लिए पीली और नारंगी सुरक्षा जैकेट पहनी हुई थी. वे ऊपर तक पहुंचे, एंगल ग्राइंडर से खिड़कियों एवं शीशे के केस तोड़कर ‘गैलरी डी एपोलो’ में दाखिल हुए, जहां फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स और नेपोलियन युग के आभूषण सजे हुए थे.

म्यूज़ियम के भीतर प्रवेश के बाद वे मात्र चार से सात मिनट के भीतर कीमती आभूषण चुरा ले गए. चोरों ने नौ ऐतिहासिक रत्नों को निशाना बनाया था, लेकिन वास्तव में केवल आठ ही चुरा पाए. फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, चोरी की गई वस्तुओं में नेपोलियन तृतीय की पत्नी महारानी यूजनी का पन्नों से जड़ा शाही ताज भी शामिल था, जिसमें 1,300 से ज़्यादा हीरे लगे थे. बाद में यह ताज संग्रहालय के बाहर टूटी हुई हालत में मिला.

बताया गया कि म्यूज़ियम खुलने के चंद मिनटों के बाद, 9:30 बजे के आस-पास चोरी हुई. अलार्म बजते ही सुरक्षा कर्मी पहुंचे, पर तब तक अपराधी अपनी योजना के अनुसार मोटरसाइकिल से फरार हो चुके थे. इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं आई.

चोरी की इस घटना के बाद म्यूज़ियम को बंद कर दिया गया है और पेरिस पुलिस ने पूरे स्थान को सील कर दिया है. म्यूज़ियम के भीतर-बाहर और आसपास के इलाकों में फोरेंसिक जांच शुरू है. जांच में एक निर्माण ट्रक, कई औज़ार, जैकेट, ग्लव्स तथा वॉकी-टॉकी बरामद हुए, जिससे अपराध की पूर्व-योजना और गिरोह की प्रोफेशनलिज्म स्पष्ट हुआ. पुलिस अभी भी तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है; साथ ही संदिग्धों की तलाश के लिए म्यूजियम कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ चल रही है.

फ्रांस की संस्कृति मंत्री रचिदा दाती ने इसे ‘फ्रांस की विरासत पर हमला’ करार दिया और आश्वस्त किया कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. राष्ट्रपति मैक्रों ने भी सोशल मीडिया पर इसे राष्ट्र के लिए सांस्कृतिक झटका कहा, साथ ही पुलिस और संस्कृति मंत्रालय को सख्ती से जांच के आदेश दिए.

इस घटना ने म्यूज़ियम सेक्टर की सुरक्षा को लेकर वैश्विक बहस भी छेड़ दी है.

लूव्र म्यूज़ियम प्रबंधन ने भी चोरी की गई वस्तुओं की बरामदगी के लिए सभी प्रयास तेज कर दिए हैं और भरोसा जताया है कि जल्द ही कोई ठोस परिणाम निकलेगा. फिलहाल, म्यूज़ियम अस्थाई रूप से बंद है और सुरक्षा-एहतियातों के बीच दोषियों की तलाश जारी है.