अग्निवीर योजना को लेकर 72% प्रतिभागियों ने तनाव महसूस किया, 60% के नकारात्मक विचार: सर्वे

भारत सरकार की 'टूर ऑफ़ ड्यूटी' या अग्निवीर योजना, जो भारतीय सशस्त्र बलों में अल्पकालिक सेवा प्रदान करने का अवसर करती है, को लेकर एक नए सर्वेक्षण में सामने आया है कि 72% प्रतिभागियों ने इसमें सेवा के बाद रोज़गार को लेकर तनाव का अनुभव किया है.

6 मई 2025 को पटना के गांधी मैदान में भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती के लिए प्रशिक्षण लेते युवा. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भारत सरकार की अग्निवीर योजना, जो भारतीय सशस्त्र बलों में अल्पकालिक सेवा प्रदान करने का अवसर देती है, को लेकर एक नए सर्वेक्षण में सामने आया है कि 72% प्रतिभागियों ने इसमें सेवा के बाद रोज़गार को लेकर तनाव का अनुभव किया है.

मालूम हो कि इससे पहले अग्निवीर योजना की विपक्ष और युवाओं द्वारा व्यापक रूप से आलोचना की गई थी.

गुजरात समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, एमएस विश्वविद्यालय के समाज कार्य संकाय के छात्र मनीष जांगिड़ द्वारा डॉ. शर्मिष्ठा सोलंकी के मार्गदर्शन में किए गए इस सर्वेक्षण में देश भर से चुने गए 50 अग्निवीरों का सर्वेक्षण किया गया.

अध्ययन से पता चलता है कि सर्वे में शामिल 72% अग्निवीरों ने नौकरी को लेकर तनाव का अनुभव किया है, जबकि 52% अपनी चार साल की सेवा अवधि पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों को लेकर चिंतित थे.

बता दें कि अग्निवीर योजना के अनुसार, उम्मीदवार चार साल तक सशस्त्र बलों में सेवा देते हैं. इसके बाद केवल 25% का चयन स्थायी सेवा के लिए होता है, जबकि शेष अग्निवीरों को सेवामुक्त कर दिया जाता है.

इस सर्वेक्षण में पाया गया कि 60% प्रतिभागियों की अग्निपथ योजना के बारे में नकारात्मक राय थी.

वहीं, लगभग 54% प्रतिभागी चार साल बाद भी लंबी अवधि की सेवा जारी रखना चाहते थे, जबकि 26% ने स्थायी पदों के लिए चुने जाने में बहुत कम रुचि या विश्वास दिखाया.

इसके अलावा 38% प्रशिक्षण की गुणवत्ता से संतुष्ट थे, 40% असंतुष्ट थे और 22% तटस्थ रहे.

अधिकांश प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि उन्हें नौकरी को लेकर तनाव का कुछ अनुभव हुआ, 48% ने इसे मध्यम, 26% ने उच्च और 12% ने कहा कि उन्हें कोई तनाव नहीं है.

गुजरात समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 46% प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि वे सेवा के बाद नौकरी के अवसरों को लेकर चिंतित थे, 8% ने गहरी चिंता व्यक्त की, जबकि 34% अपने कार्यकाल के पूरा होने के बाद नौकरी मिलने को लेकर आशावादी थे.

उल्लेखनीय है कि अग्निवीर योजना जून 2022 में तीनों सेनाओं के ‘अधिकारी पद से नीचे’ के कैडर में चार साल की अवधि के लिए भर्ती के लिए शुरू की गई थी. इसका देश भर में व्यापक विरोध हुआ था.

इससे पहले कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बड़े व्यापारिक घराने को लाभ पहुंचाने के लिए रक्षा बजट खर्च करने हेतु अग्निवीर योजना लाने का आरोप लगाया था.