उपचुनाव परिणाम: आठ सीटों में से कांग्रेस और भाजपा दो-दो सीटें जीतीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गढ़ खोया

छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की आठ विधानसभा सीटों में राजस्थान के अंता और तेलंगाना के जुबली हिल्स सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की. नेशनल कॉन्फ्रेंस के गढ़ बडगाम में पीडीपी ने कब्जा किया. कश्मीर के नगरोटा और ओड़िशा के नुआपाड़ा सीट से भाजपा ने जीत दर्ज की.

आठ विधानसभा सीटों में से कांग्रेस दो और भाजपा दो सीटों पर कब्जा किया. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की आठ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे शुक्रवार (14 नंवबर) को घोषित किए गए. इन सीटों पर 11 नवंबर को मतदान हुआ था.

जिन सीटों पर उपचुनाव हुए उनमें जम्मू-कश्मीर के बडगाम और नगरोटा, मिज़ोरम के डम्पा, राजस्थान के अंता, झारखंड के घाटशिला, तेलंगाना के जुबली हिल्स, ओडिशा के नुआपाड़ा और पंजाब के तरनतारन शामिल हैं.

बडगाम में उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे और राजस्थान के अंता में कंवरलाल की अयोग्यता के बाद ये सीटें खाली हो गई थीं. बाकी छह निर्वाचन क्षेत्रों – जम्मू-कश्मीर में नगरोटा, झारखंड में घाटशिला (एसटी), तेलंगाना में जुबली हिल्स, पंजाब में तरनतारन, मिजोरम में डम्पा (एसटी) और ओडिशा में नुआपाड़ा – पर उनके मौजूदा विधायकों के निधन के बाद खाली हुए थे.

बडगाम (जम्मू-कश्मीर): यहां से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) उम्मीदवार आगा सैयद मुंतज़िर 21,576 वोटों से जीत हासिल की. सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार आगा सैयद महमूद 17,098 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

बडगाम को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए पहली राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था. यह उपचुनाव अब्दुल्ला द्वारा 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों में दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने और जीतने के बाद हुए थे, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी की पारंपरिक गांदेरबल सीट को बरकरार रखा था, जबकि बडगाम को खाली कर दिया था.

हालांकि, बडगाम में अंदरूनी कलह से जूझ रही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सीट बचा पाने में विफल रही. 1962 से नेशनल कॉन्फ्रेंस इस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार जीतती आ रही है, सिवाय 1972 के जब यह सीट कांग्रेस उम्मीदवार ने जीती थी.

इसी बीच, पार्टी उम्मीदवार मुंतज़िर को बधाई देते हुए पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने कहा, ‘यह हमारी जीत है और नेशनल कॉन्फ्रेंस की नाक के नीचे हमने उनका गढ़ छीन लिया. यह बडगाम की जनता का नेशनल कॉन्फ्रेंस को अहंकार छोड़ने का संदेश है.’

उन्होंने कहा कि पीडीपी की जीत मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ लोगों की भावना को दर्शाती है क्योंकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के चुनावों के बाद इस निर्वाचन क्षेत्र को ‘छोड़’ दिया था. उन्होंने कहा, ‘अक्टूबर 2024 के चुनावों के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बडगाम का कभी दौरा नहीं किया और अब पूरी सरकारी मशीनरी प्रचार के लिए यहां मौजूद है.’

नगरोटा (जम्मू-कश्मीर): यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र राणा के निधन के बाद रिक्त हुआ था – यहां से भाजपा की देवयानी राणा 42,350 मतों से जीत दर्ज की. जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (इंडिया) के उम्मीदवार हर्ष देव सिंह 17,703 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

तरनतारन (पंजाब): विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने 42,649 वोटों से जीत हासिल की, उन्होंने शिरोमणि अकाली दल की सुखविंदर कौर, कांग्रेस के करणबीर सिंह और भाजपा के हरजीत सिंह संधू को हराया. सुखविंदर कौर 30,558 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं.

अंता (राजस्थान): इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है. प्रमोद को 69,571 वोट मिले. वहीं, भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53,959 वोट मिले हैं. इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53,800 वोट मिले.

यह विधानसभा सीट झालवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आता है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सासंद हैं.

2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान इस सीट पर भाजपा की जीत हुई थी. भाजपा नेता कंवर लाल मीणा ने भारी मतों से जीत हासिल की थी. लेकिन उन्हें 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया और 1 मई, 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई. इस प्रकार अंता सीट खाली हो गई थी.

जुबली हिल्स (तेलंगाना): इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव 98,988 वोटों के शानदार जीत दर्ज की. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की उम्मीदवार मगंती सुनीता गोपीनाथ को 74,259 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. ​​भाजपा के दीपक रेड्डी लंकाला 17,061 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

घाटशिला (झारखंड): इस सीट से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन 94,351 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं. वहीं, भाजपा उम्मीदवार बाबू लाल सोरेन 59,703 के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

इस सीट पर उपचुनाव बेहद दिलचस्प रहे हैं क्योंकि दो बड़े राजनीतिक घरानों की विरासत के बीच मुकाबला थी. एक तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिवंगत विधायक रामदास सोरेन के बेटे सोमेश चंद्र सोरेन थे, तो दूसरी तरफ भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को मैदान में उतारा था.

नुआपाड़ा (ओडिशा): इस सीट के उप चुनाव में भाजपा उम्मीदवार जय ढोलकिया 83748 मतों के भारी अंतर से जीत हासिल की, उन्हें कुल 123869 वोट मिले. कांग्रेस के घासी राम माझी 40121 मतों के साथ दूसरे और बीजू जनता दल (बीजद) की स्नेहांगिनी छुरिया 38408 तीसरे स्थान पर रहीं.

डम्पा (मिजोरम): इस सीट से मिजो नेशनल फ्रंट के डॉ. आर लालथंगलियाना ने 562 मतों के अंतर से जीता है. दूसरे स्थान पर ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट के वानलालसैलोवा रहे.