नई दिल्ली: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार (19 नवंबर) को नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.
वे गुरुवार (20 नवंबर) को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
इससे पहले, बुधवार को पटना में जदयू के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना गया.
नीतीश कुमार जल्द ही राजभवन जाकर मौजूदा एनडीए सरकार के मुखिया के तौर पर अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.
वहीं, भाजपा ने भी बुधवार को अपने विधायक दल की बैठक की और सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को पार्टी का नेता और उपनेता चुना.
इससे यह साफ़ होता है कि ये दोनों नई सरकार में भी उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे.
पार्टी का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने मीडिया से कहा, ‘मैं पार्टी नेतृत्व और सभी विधायकों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे फिर से नेतृत्व का अवसर दिया. भाजपा ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा.’
गुरुवार को गांधी मैदान में होने वाले शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है.
ज्ञात हो कि 14 नवंबर को घोषित बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए को सपष्ट बहुमत मिला था, 89 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, वहीं जदयू को 85 सीटें हासिल हुई.
