नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को लेकर शुक्रवार (5 दिसंबर) को भी देशभर के हवाई अड्डों पर अव्यवस्था देखने को मिली. इस दौरान इंडिगो एयरलाइंस की 500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई, तो वहीं कई देरी से चल रही हैं, जिसके चलते हज़ारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों से फंसे हैं.
मालूम हो कि बीते तीन दिनों से इंडिगो के यात्री लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को भी इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई थीं और दर्जनों उड़ानों को देरी का सामना करना पड़ा था.
इस संबंध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिगो संकट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इंडिगो की विफलता इस सरकार के ‘एकाधिकार मॉडल’ का नतीजा है.
उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ‘इंडिगो की विफलता इस सरकार के ‘एकाधिकार मॉडल’ का नतीजा है. एक बार फिर इसकी कीमत आम भारतीयों को देरी, उड़ानें रद्द होने और लाचारी के रूप में चुकानी पड़ी है.’
उन्होंने दावा किया कि भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है, ‘मैच फिक्सिंग के एकाधिकार’ का नहीं.
IndiGo fiasco is the cost of this Govt’s monopoly model.
Once again, it’s ordinary Indians who pay the price – in delays, cancellations and helplessness.
India deserves fair competition in every sector, not match-fixing monopolies. https://t.co/sRoigepFgv
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 5, 2025
वहीं, कांग्रेस संसाद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने मौजूदा संसद के शीतकालीन सत्र में शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाया था. उन्होंने कहा, ‘सरकार की मोनोपोली की जो नीति है कि एक-दो को ही सबकुछ सौंप देना, उसी का यह दुष्परिणाम है.’
इस मामले पर शिवसेना यूबीटी की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘मैंने कल ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था और चाहती थी कि उड्डयन मंत्री जानकारी देते. मुझे लगता है कि अगर राज्यसभा चेयरमैन इसकी इजाज़त देते हैं तो मंत्री इसका जवाब देंगे.’

द वायर को इंडिगो के एक पायलट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि फिलहाल एयरलाइन पायलटों की कमी से जूझ रही है. पायलटों के ड्यूटी घंटों के नए मानदंड जो सरकारी नियम के अनुसार एक नवंबर से लागू किए गए हैं, उनके चलते रोस्टर प्रबंधन में कठिनाई हो रही है. विमान कंपनी के पास क्रू मेंबर्स की भारी कमी है, ये समस्या अभी और बढ़ सकती है.
मालूम हो कि एक नवंबर से नए क्रू रोस्टरिंग नियमों (उड़ान ड्यूटी समय सीमा) के दूसरे चरण के लागू होने के चलते एयरलाइन कई अप्रत्याशित परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है. पहले सरकार ने इसे एक साल के लिए टाल दिया था ताकि एयरलाइन अपने चालक दल की योजना बना सकें. क्योंकि एयरलाइन ने इसे लागू होने पर व्यापक उड़ान रद्द होने की चेतावनी दी थी. हालांकि, पायलट संगठनों ने अदालत का रुख़ किया जिसके बाद इसे लागू करने का आदेश अदालत द्वारा दिया गया.
इस बीच दूसरी एयरलाइन कंपनियों के टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं मसलन जहां आप पांच-छह हज़ार में आसानी से पहुंच सकते हैं, उसके लिए दूसरी एयरलाइन कंपनियां 25 से 30 हज़ार रुपये तक वसूल रही हैं. ज़ाहिर है, ये कई लोगों की पहुंच से बाहर है.
एयरपोर्ट पर लोगों का प्रदर्शन
चेन्नई से बेंगलुरू यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया कि वे सुबह 6 बजे एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे. उनकी उड़ान का समय सुबह 7.30 बजे था, लेकिन उन्हें बताया गया कि उड़ान में अभी देरी है. वे करीब 7 घंटों से एयरपोर्ट पर फंसे हैं. यात्रियों को न विमान सेवा और न ही डीजीसीए इस संबंध में कोई जानकारी दे रहा है.
यात्री के अनुसार, हवाई अड्डे पर भारी भीड़ जमा हो गई है. लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और यहांं तैनात सीआईएसएफ के जवान उन्हें शांत कराने की कोशिश. इस बीच कई बुजुर्ग यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा है, जिन्हें तत्काल मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है.

एक अन्य यात्री आयुषी, जिन्होंने नागपुर से कोलकाता जाने के लिए इंडिगो में अपनी टिकट बुक की थी. उन्हें एयरपोर्ट पर पहुंचने के कई घंटे बाद जानकारी दी गई कि उनकी फ्लाइट रद्द हो गई है. अब आयुषी एयर इंडिया एक्सप्रेस की 22,000 रुपये में टिकट खरीद कर कोलकाता जा रही हैं, क्योंकि उनके घर पर उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है और कोई उनकी देख-रेख करने वाला नहीं है.
मालूम हो कि ट्वविटर तमाम ऐसे पोस्ट से पटा पड़ा है, जिसमें लोग इंडिगो की सेवाओं को लेकर अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं.
More than 550 IndiGo flights were cancelled today. Thousands of people are stuck in transit, a father was seen pleading for a sanitary pad for his daughter
Do we even have an aviation ministry? What is the minister doing? 🤡 pic.twitter.com/h5NxMoFeC9
— Veena Jain (@Vtxt21) December 5, 2025
पिछले कुछ दिनों से भारतीय विमानन व्यवस्था चरमरा गई है।
अकेले Indigo की 300 उड़ाने रद्द हो चुकी है, हजारों यात्री हवाईअड्डो पर फंसे हुए है।
दिल्ली से पुणे का किराया 5 की जगह 25 हजार हो चुका है सरकार और गोदी मीडिया चुप है।
परंतु मोदी सहाव लाखों मजदूर लेने आए पुतिन को घुमा रहे है।… pic.twitter.com/lu1euKU33I— MD UMAR (@MohdUmar244190) December 5, 2025
मेरी बहन के परिवार का कल पटना से जयपुर का टिकट था . अचानक इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल हुई और मैसेज आया कि आज यानि चार की सुबह फ्लाइट है . फिर कल देर रात पता चला कि आज भी कैंसिल है , अब दो दिन बाद छह तारीख को जाएगी.
उन सबको जयपुर एक शादी में जाना था . पांच दिन के लिए होटल से लेकर सब… https://t.co/PT7LyGc0jF— Ajit Anjum (@ajitanjum) December 4, 2025
उड़ानों के रद्द होने की वजह से सिंगापुर के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मैं भी इंडिगो की वजह से मुश्किल में फंसे हजारों यात्रियों में शामिल हो गया हूं. देवघर जाने वाली मेरी फ्लाइट रद्द हो गई. शादी में शामिल होने के लिए मेरा इंतजार कर रहे अपने युवा स्टाफ़ से मैं माफ़ी मांगता हूं.’

दिल्ली हवाई अड्डे से जाने वाली सभी घरेलू उड़ानें आधी रात तक रद्द
इस बीच, दिल्ली एयरपोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हवाई अड्डे से जाने वाली अपनी सभी घरेलू उड़ानों को आधी रात तक के लिए रद्द कर दिया है. दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने कहा कि अन्य सभी विमान सेवाओं का संचालन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जारी है.
एयरलाइन ने इस परेशानी के लिए माफी मांगी है.
कंपनी ने बताया कि जिन यात्रियों की फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, उन्हें खाने-पीने का सामान, फ्लाइट रीबुक कराने के विकल्प, होटल में ठहरने की सुविधा, सामान वापस पाने में मदद और पूरा रिफंड दिया जा रहा है. कंपनी ने कहा कि वह जल्द से जल्द अपनी सेवाओं को सामान्य करने पर काम कर रही है.
— IndiGo (@IndiGo6E) December 5, 2025
इससे पहले गुरुवार को एक्स पर इंडिगो ने कहा था, ‘हम मानते हैं कि पिछले दो दिनों से पूरे नेटवर्क में इंडिगो का संचालन काफी बाधित रहा है और हम अपने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए तहे दिल से क्षमा चाहते हैं. छोटी-मोटी तकनीकी गड़बड़ियां, सर्दियों के मौसम से जुड़े शेड्यूल में बदलाव, ख़राब मौसम, विमानन प्रणाली में बढ़ती भीड़भाड़ और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों (उड़ान ड्यूटी समय सीमा) की समस्याओं सहित कई अप्रत्याशित परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.’
एयरलाइन ने आगे कहा, ‘हमारे संचालन पर इतना नकारात्मक प्रभाव पड़ा है कि इसकी उम्मीद करना भी संभव नहीं था. इस व्यवधान को रोकने और स्थिरता बहाल करने के लिए, हमने अपने शेड्यूल में कुछ बदलाव शुरू किए हैं. ये उपाय अगले 48 घंटों तक लागू रहेंगे. हमें अपने संचालन को सामान्य बनाने और पूरे नेटवर्क में अपनी समयबद्धता को धीरे-धीरे बहाल करने में मदद करेंगे. हमारी टीमें ग्राहकों की असुविधा को कम करने और संचालन को जल्द से जल्द स्थिर करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं.’
कंपनी के यात्रियों की मदद करने, वैकल्पिक व्यवस्था करने या किराया वापस किए जाने की पेशकश की बात कही है.
The last two days have seen widespread disruption across IndiGo’s network and operations. We extend a heartfelt apology to all our customers and industry stakeholders who have been impacted by these events. IndiGo teams are working diligently and making all efforts with the…
— IndiGo (@IndiGo6E) December 4, 2025
गौरतलब है कि इंडिगो ने डीजीसीए से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) के नियमों से 10 फरवरी 2026 तक छूट देने की अपील की है, कंपनी ने आश्वासन दिया है कि तीन महीने के भीतर उसकी परिचालन स्थिति फिर से सामान्य हो जाएगी.
द हिंदू के अनुसार, सरकारी आंकड़ों से पता चला कि दो दिसंबर को इंडिगो की केवल 35% उड़ानें समय पर थीं और एक दिसंबर को केवल 49.5% उड़ानें समय पर थीं.
अखबार ने बताया है कि पायलटों की बढ़ती थकान को लेकर चिंताओं से निपटने के लिए तैयार किए गए आराम और ड्यूटी घंटों के नए मानदंडों, जिनके खिलाफ एयरलाइन ने दो साल लंबी लड़ाई लड़ी. दिल्ली हाई कोर्ट के अप्रैल 2025 के आदेश के अनुसार, दो चरणों में इसे लागू किया जाना था.
इसमें साप्ताहिक आराम के घंटे 36 से बढ़ाकर 48 घंटे करने सहित कई प्रावधान एक जुलाई से लागू कर दिए गए थे. वहीं रात के समय पायलटों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले बाक़ी प्रावधान एक नवंबर से लागू होने थे.इन्हीं अंतिम प्रावधानों के लागू होने के बाद से एयरलाइंस पायलटों की कमी से जूझ रही हैं.
एयरलाइन पायलटों से अपनी छुट्टियां रद्द करने का अनुरोध कर रही हैं. लेकिन पिछले कई वर्षों से चल रहे असंतोष के कारण पायलट सहयोग करने के मूड में नहीं हैं.
डीजीसीए मानकों के तहत 13 घंटे की ड्यूटी अवधि से ज़्यादा काम करना, 7,000 करोड़ के मुनाफे के बावजूद वेतन वृद्धि न होना और एयरलाइन द्वारा नए पायलट ड्यूटी मानदंडों की व्याख्या अपने हित में मोड़ने को लेकर हालिया विवाद ने पायलटों को नाराज़ कर दिया है.
