केरल: पलक्कड़ में प्रवासी श्रमिक की लिंचिंग पर बोले मंत्री- संघ परिवार की नफ़रत की राजनीति का शिकार

बीते 16 दिसंबर को बांग्लादेशी होने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मज़दूर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. केरल के मंत्री एमबी राजेश का कहना है कि वे संघ परिवार की नफ़रत की राजनीति के शिकार हुए, हमलावरों में आरएसएस के ऐसे कार्यकर्ता शामिल थे जिन पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं.

इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर

नई दिल्ली: केरल सरकार ने पिछले सप्ताह पलक्कड़ में पीट-पीटकर मार दिए गए छत्तीसगढ़ के प्रवासी मज़दूर के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आश्वासन दिया है.

छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले के निवासी 31 वर्षीय रामनारायण बघेल की 16 दिसंबर को भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. भीड़ को उन पर यह शक था कि वह बांग्लादेशी नागरिक हैं.

सोशल मीडिया पर सामने आए घटना के वीडियो में हमलावरों में से एक को बघेल से यह पूछते सुना जा सकता है कि क्या वह बांग्लादेशी हैं.

केरल के स्थानीय स्वशासन मंत्री एमबी राजेश ने कहा कि बघेल ‘संघ परिवार की नफ़रत की राजनीति के शिकार’ हुए. उन पर हमला करने वालों में आरएसएस के ऐसे कार्यकर्ता शामिल थे जिन पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं.

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि ज़ेनोफोबिया (विदेशी के प्रति नफ़रत) और नस्लीय पूर्वाग्रह से जुड़ा मामला है. राजेश ने कहा, ‘किसी व्यक्ति को बांग्लादेशी बताना ज़ेनोफोबिया और नस्लीय राजनीति का नतीजा है.’

उन्होंने कहा, ‘उन्हें बांग्लादेशी बताकर बदनाम करने के बाद हमला किया गया. हमलावरों में आरएसएस के ऐसे कार्यकर्ता शामिल थे जिन पर पहले भी आपराधिक मामले रहे हैं. रोज़गार की तलाश में आए इस प्रवासी मज़दूर को बांग्लादेशी बताकर घेरा गया और पीटा गया. वह देश में संघ परिवार द्वारा फैलाई जा रही नस्लीय नफ़रत का शिकार हुए.’

बताया गया है कि रामनारायण बघेल रोज़गार की तलाश में मौत से महज़ चार दिन पहले पलक्कड़ पहुंचे थे. वे वेलयार थाना क्षेत्र के अंतर्गत अट्टप्पल्लम के पास अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे थे. 16 दिसंबर को कथित तौर पर वह गांव में रास्ता भटक गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों को उन पर चोरी का शक हुआ.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत आंतरिक चोटों के कारण अत्यधिक खून बहने से हुई. बघेल के परिवार ने शुरुआत में शव लेने से इनकार कर दिया था.

केरल के राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि परिवार को मुआवजे के तौर पर ‘10 लाख रुपये से कम नहीं’ दिए जाएंगे और इस पर अगली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा. केरल सरकार बघेल के शव को हवाई मार्ग से छत्तीसगढ़ भी भेजेगी.

मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित कर दिया गया है. पलक्कड़ के पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार ने कहा कि अब तक पांच लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है और और भी लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है.

उन्होंने कहा, ‘ज़िला अपराध शाखा के डिप्टी एसपी 10 सदस्यीय टीम का नेतृत्व करेंगे. पीड़ित की जाति की पुष्टि होने के बाद आरोपियों पर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई जाएंगी.’

इस बीच, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी बघेल के परिवार को न्याय का आश्वासन दिया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं केरल की प्रगतिशील छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता ज़रूरी है. यह टिप्पणियां तब आईं जब रिमांड रिपोर्ट से सामने आए विवरणों ने हमले की भयावहता को उजागर किया.

रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने बघेल पर उन्हें मारने के स्पष्ट इरादे से हमला किया और कई घंटों तक लगातार हिंसा की. पोस्टमार्टम से पहले की मेडिकल जांच में उनके शरीर पर 40 से अधिक चोटें दर्ज हुईं. गंभीर सिर की चोटें, अत्यधिक रक्तस्राव और गहरी शारीरिक चोटें मृत्यु का कारण बताई गईं.