ओडिशा: ‘अवैध बांग्लादेशी’ होने के आरोप में पश्चिम बंगाल के मज़दूर की पीट-पीटकर हत्या

ओडिशा के संबलपुर में बुधवार शाम पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक श्रमिक जुएल शेख़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हमलावरों ने उन पर और उनके साथियों पर 'बांग्लादेशी 'घुसपैठिया' होने का आरोप लगाया था. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराया है.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

नई दिल्ली: ओडिशा के संबलपुर में बुधवार (24 दिसंबर) की शाम पश्चिम बंगाल के एक श्रमिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. खबरों के मुताबिक, हमलावरों ने उन पर और उनके साथियों पर ‘बांग्लादेशी घुसपैठिया’ होने का आरोप लगाया था.

ख़बरों के मुताबिक, 30 वर्षीय जुएल शेख अपने तीन साथियों के साथ एक चाय की दुकान पर रुके थे. वहां कुछ लोगों ने उन्हें ‘अवैध बांग्लादेशी’ बताते हुए पहचान पत्र दिखाने को कहा. उन्होंने ने अपने वैध दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद भीड़ ने जुएल शेख की इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई. बाकी तीन मजदूर अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे.

उधर, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) हिमांशु लाल का कहना है कि यह मामला ‘अचानक उकसावे’ से जुड़ा है, न कि किसी को खास तौर पर निशाना बनाने का. पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.

अख़बार ने बताया है कि शेख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर तक लिंचिंग के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अखबार ने यह भी बताया कि पुलिस ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि हमलावरों ने कथित तौर पर मजदूरों के आईडी कार्ड देखने की मांग क्यों की थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस घटना को लेकर ‘बीड़ी चोरी’ का आरोप भी सामने आया है.

उधर, पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए भाजपा के ‘बंगाली विरोधी अभियान’ को जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी ने कहा कि बांग्ला बोलने वालों को ‘घुसपैठिया’ बताने वाली नफरत भरी बातों की वजह से ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं.

पार्टी ने कहा, ‘सालों से भाजपा नेताओं ने जानबूझकर बांग्ला बोलने वाले भारतीयों को घुसपैठिया, बाहरी और संदिग्ध बताया है. यही ज़हर अब सड़कों तक पहुंच गया है, जहां कोई भी रह चलता खुद को इमिग्रेशन ऑफिसर और जल्लाद समझने लगा है.’

गौरतलब है कि बीते सप्ताह केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के रहने वाले श्रमिक रामनारायण बघेल की चोरी के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. वहां भी हमलावरों ने उनसे पूछा था कि क्या वे बांग्लादेश से हैं. केरल पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है और इसमें SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं.

देश में हाल के दिनों में ‘अवैध बांग्लादेशी’ होने के शक में लोगों को निशाना बनाने और उनके साथ भेदभाव की घटनाएं बढ़ी हैं. संबलपुर की यह घटना इसी बढ़ते तनाव का हिस्सा मानी जा रही है.