इंडिया ओपन बैडमिंटन: ख़राब हवा और अव्यवस्थाएं, वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले भारत की मेजबानी को लेकर चिंता

दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में टूर्नामेंट स्थल पर ख़राब वायु गुणवत्ता, साफ़-सफाई की कमी और आवारा जानवरों की मौजूदगी को लेकर मेजबान देश को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. यह टूर्नामेंट इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साल अगस्त में इसी स्थल पर बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होना है.

दर्शक दीर्घा में बैठा एक बंदर. (फोटो: इंस्टाग्राम/Dewismashes)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में अव्यवस्थाओं को लेकर मेजबान देश को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. टूर्नामेंट स्थल पर खराब हवा गुणवत्ता, साफ़-सफाई की कमी और आवारा जानवरों की मौजूदगी को लेकर खिलाड़ियों की शिकायतों ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

भारत से 13 से 18 जनवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है. 

डेनमार्क की एक खिलाड़ी द्वारा स्थल के आसपास पक्षियों की बीट फैली होने की शिकायत के एक दिन बाद ही इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बंदर दिखने की सूचना सामने आई. फोटोग्राफर अज़लिना देवी ने इंस्टाग्राम पर साझा की गई तीन अलग-अलग स्टोरीज़ में दर्शक दीर्घा में, कोर्ट के क़रीब बैठे एक बंदर की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए.

इस कॉम्प्लेक्स में दुनिया के कई शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं और मुकाबले खेल रहे हैं.

इसी कड़ी में गुरुवार (15 जनवरी) को एचएस प्रणॉय और पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू के बीच चल रहे मैच को उस समय रोकना पड़ा, जब कोर्ट पर एक पक्षी ने गंदगी फैला दी. इसके बाद बीच मैच में कोर्ट की सफ़ाई करानी पड़ी.

इससे पहले कोरियाई पुरुष युगल खिलाड़ी कांग मिन ह्युक ने टूर्नामेंट के आधिकारिक अभ्यास स्थल- केडी जाधव इंडोर हॉल में मौजूद एक और बंदर का वीडियो साझा किया. इस पर तंज़ कसते हुए उन्होंने लिखा, ‘क्या जानवरों का प्रवेश मुफ्त है?’

टूर्नामेंट के पहले दिन डेनमार्क की शटलर मिया ब्लिचफेल्ड्ट ने अभ्यास स्थल की ‘बदहाल’ स्थितियों पर नाराज़गी जताई थी. उन्होंने फर्श पर गंदगी, कोर्ट पर धूल और हॉल के भीतर उड़ते पक्षियों व उनकी बीट की मौजूदगी की ओर इशारा किया.

पहले दौर की जीत के बाद ब्लिचफेल्ड्ट ने कहा था, ‘कोर्ट की हालत से मैं खुश हूं, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़ी परिस्थितियों से नहीं. फर्श गंदे हैं, कोर्ट पर काफी गंदगी है और हॉल में पक्षी उड़ते रहते हैं, उनकी बीट भी है.’

टूर्नामेंट के पहले दो दिनों में आई शिकायतों के बाद विश्व बैडमिंटन की शीर्ष संस्था बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने मामले का संज्ञान लेते हुए आधिकारिक बयान जारी किया.

बीडब्ल्यूएफ ने कहा, ‘इंडिया ओपन 2026 के दौरान हमने खिलाड़ियों और टीमों से संवाद किया है और नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की परिस्थितियों की समीक्षा की है. खिलाड़ियों से मिला फीडबैक, चाहे वह सकारात्मक हो या सुधारात्मक, इस टूर्नामेंट और भविष्य में होने वाले चैंपियनशिप के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए अहम है. खिलाड़ियों की टिप्पणियों और मीडिया कवरेज को हम स्वीकार करते हैं.’ 

बयान में आगे कहा गया, ‘मौसमी परिस्थितियों से जुड़े कुछ कारक, जैसे धुंध और ठंड, वायु गुणवत्ता और हॉल के भीतर तापमान को प्रभावित करते हैं, इस सप्ताह चुनौती बने रहे. हालांकि, हमारे आकलन के अनुसार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराता है.’

इस बीच बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि ब्लिचफेल्ड्ट की शिकायत मुख्य मुकाबलों वाले स्टेडियम को लेकर नहीं, बल्कि अभ्यास स्थल केडी जाधव स्टेडियम को लेकर थी. 

गौर करने वाली बात है कि यह लगातार दूसरा साल है जब ब्लिचफेल्ड्ट ने भारत में आयोजित इस प्रमुख बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं.

इससे पहले, डेनमार्क के पुरुष एकल खिलाड़ी और विश्व नंबर-3 एंडर्स एंटोंसेन ने भी टूर्नामेंट से नाम वापस लेने की वजह दिल्ली का खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बताया था.

उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘कई लोग जानना चाहते हैं कि मैंने लगातार तीसरे साल इंडिया ओपन से नाम क्यों वापस लिया. दिल्ली में इस समय अत्यधिक प्रदूषण है और मुझे नहीं लगता कि यहां बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित किया जाना चाहिए.’ एंटोंसेन ने 4 जनवरी को टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था.

इस बीच, बीडब्ल्यूएफ ने यह भी कहा कि ‘सामान्य साफ़-सफाई, स्वच्छता और जानवरों के नियंत्रण जैसे कुछ पहलुओं पर अतिरिक्त ध्यान देने की ज़रूरत पड़ी, लेकिन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं. खिलाड़ियों ने खेलने की सतह, फ़्लोरिंग, जिम और चिकित्सा सुविधाओं में किए गए सुधारों की सराहना भी की है.’

इस आयोजन की आलोचना बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. क्योंकि मौजूदा टूर्नामेंट को इसी स्थल पर अगस्त में होने वाली 2026 बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले एक तरह के ‘टेस्ट रन’ के रूप में देखा जा रहा है.