मध्य प्रदेश: सरकारी कार्यक्रम में शामिल न होने पर मंत्री ने दी लाड़ली बहन योजना से नाम ‘काटने’ की धमकी

मध्य प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री और भाजपा नेता करण सिंह वर्मा ने सीहोर ज़िले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने वाली ‘लाड़ली बहनों’ के नाम लाभार्थियों की सूची से हटाने की धमकी दी. उन्होंने कहा कि वह सीईओ से कहेंगे कि गांव की सभी लाभार्थियों को एक दिन बुलाया जाए और जो नहीं आएं, उनके नाम सूची से हटा दिए जाएं.

मध्य प्रदेश के मंत्री करण सिंह वर्मा एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए. (फोटो: X/@karansingh_158, @Bhupendra Agam)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता करण सिंह वर्मा ने गुरुवार (5 फरवरी) को सीहोर ज़िले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने वाली ‘लाड़ली बहनों’ के नाम लाभार्थियों की सूची से हटाने की धमकी देकर विवाद खड़ा कर दिया.

फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सीहोर ज़िले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धामंदा गांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान वर्मा ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के चलते दिल्ली से हर घर तक गेहूं भेजा जा रहा है और लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को ‘कभी एक पैसा भी नहीं दिया.’ बैठक का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

वर्मा ने आगे कहा कि धामंदा गांव में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति बेहद कम रहती है.

एक उप-स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन से जुड़े इस कार्यक्रम में उन्होंने सवाल किया, ‘894 में से कितनी लाड़ली बहनें इस कार्यक्रम में मौजूद हैं?’

इसके बाद उन्होंने कहा कि वह मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से कहेंगे कि गांव की सभी लाभार्थियों को बुलाया जाए और जो नहीं आएंगी, उनके नाम सूची से हटा दिए जाएं.

उन्होंने कहा, ‘मैं सीईओ मैडम से कहूंगा कि एक दिन सभी को बुलाएं. अगर वे नहीं आती हैं, तो उनके नाम काट दिए जाएंगे. हम यहां से रिपोर्ट भेज देंगे.’

वर्मा ने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस ने कभी किसी बहन को एक पैसा भी दिया? लेकिन आपके कल्याण के लिए जो किया जा रहा है, उस पर आप ध्यान ही नहीं दे रही हैं.’

कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता अगम ने उनके इस बयान पर सत्तारूढ़ भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां एक खतरनाक सोच को दर्शाती हैं.

उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘यह मध्य प्रदेश के मंत्री हैं.. करण सिंह जी, यह टैक्स देने वालों का पैसा है, आपके मामा का नहीं. आपने ‘लाड़ली’ योजना का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए किया और अब उन्हीं को धमका रहे हैं? कुछ तो शर्म कीजिए.’

इससे पहले दिसंबर में राज्य के एक अन्य मंत्री विजय शाह भी इसी तरह के विवाद में घिर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को मुख्यमंत्री का ‘सम्मान’ करना चाहिए क्योंकि इस योजना के तहत करोड़ों रुपये बांटे जा रहे हैं.

उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि ऐसा न करने वालों के आवेदन रोके जा सकते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि आधार लिंकिंग में गड़बड़ी के चलते भुगतान अपने आप रुक सकता है. रतलाम में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के दौरान दिए गए इन बयानों को व्यापक रूप से दबाव बनाने और धमकी देने वाला माना गया था.