नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इज़राइल का हमला लगातार सातवें दिन भी जारी है. इन हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 1,230 लोगों की जान जा चुकी है. इज़राइल में करीब एक दर्जन लोगों के मारे जाने की खबर है.
6 मार्च 2026 को फ्लोरिडा के टैम्पा में सेंटकॉम मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है.
उन्होंने कहा, ‘ईरान और तेहरान के ऊपर इस्तेमाल की जाने वाली सैन्य ताकत में जल्द ही भारी बढ़ोतरी होने वाली है. जब हम कहते हैं कि अभी और कार्रवाई होगी, तो इसका मतलब है कि और लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन तैनात किए जाएंगे, अधिक सैन्य क्षमताएं जोड़ी जाएंगी, अतिरिक्त रक्षात्मक इंतज़ाम किए जाएंगे और बम गिराने वाले विमानों की उड़ानें भी पहले से ज़्यादा बार होंगी.’
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को नया पत्र भेजा
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भेजे गए एक पत्र में एक बार फिर कहा है कि ईरान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अधिकार है.
इरावानी ने पत्र में लिखा, ‘ईरान अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, अपने लोगों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.’
संयुक्त राष्ट्र के अन्य अधिकारियों को भी संबोधित इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि इजरायली और अमेरिकी बलों ने तेहरान के गांधी अस्पताल और खातम अस्पताल, दक्षिणी शहर मिनाब के एक प्राथमिक विद्यालय और फ्रिगेट डेना पर हमले किए. इन हमलों में क्रमशः लगभग 170 बच्चों और 100 नाविकों की मौत हुई बताई गई है.
लंबे युद्ध के लिए तैयार है ईरान: रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नाइनी ने कहा है कि ईरानी सशस्त्र बल ‘आक्रमणकारी को सज़ा देने के लिए लंबे युद्ध के लिए तैयार हैं.’
देश के सरकारी प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा है कि ‘नए हथियार’ और नई ‘रणनीतियां’ जल्द सामने आने वाली हैं.
ईरान के मिनाब में लड़कियों के स्कूल पर अमेरिकी हमले में 175 लोगों की मौत: न्यूयॉर्क टाइम्स
न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में सामने आया है कि ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुआ हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का नतीजा था, जिसमें लगभग 175 लोगों (ज्यादातर बच्चों) की मौत हो गई. यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिका ईरान के नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था. मिनाब, ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास स्थित है. बताया गया है कि यह स्कूल अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए संयुक्त हमलों के पहले दिन बमबारी में तबाह हो गया. अमेरिकी सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह अभी भी मिनाब में हुए इस हमले के स्रोत की जांच कर रही है.
इज़रायली हमलों के बीच लेबनान में मृतकों की संख्या बढ़ी
लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस सप्ताह लेबनान पर इज़रायल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 123 हो गई है. लेबनान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार सुबह बताया कि इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं. लेबनान और क्षेत्र के अन्य मीडिया संस्थानों ने इज़रायल-अमेरिका गठबंधन द्वारा ‘व्यापक पैमाने पर हमलों’ की भी खबर दी है. इज़रायल ने कहा है कि उसके हमले आगे और तेज़ किए जाएंगे.
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संघर्ष को समाप्त करने की अपील करते हुए एक बयान जारी किया है और घोषणा की है कि पेरिस लेबनान को सहायता भेजेगा. इसे इस तेज़ी से बढ़ते संघर्ष को खत्म करने की दिशा में पहला स्पष्ट कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है.
राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हिज़्बुल्लाह को तुरंत इज़रायल की ओर गोलीबारी बंद करनी चाहिए. इज़रायल को भी लेबनान की ज़मीन पर किसी भी जमीनी हस्तक्षेप या बड़े पैमाने के सैन्य अभियान से बचना चाहिए.’
मैक्रों ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से बातचीत की है.
