कॉमरेड नौशाद की पूछताछ और भी लंबी चली. उनसे उनके विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया से संबंध, जेएनयू, उत्तर प्रदेश से बिहार आने का कारण, परिवार, मित्र और राजनीतिक गतिविधियों तक के बारे में लगातार पूछा जाता रहा. ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उनके विचारों या गतिविधियों से अधिक उनकी पहचान जांच के केंद्र में थी. यह केवल राजनीतिक पूछताछ नहीं रह गई थी; इसमें धार्मिक पूर्वाग्रह की परछाई साफ़ दिखाई दे रही थी.