सितंबर 2024 में यूपी के कुशीनगर ज़िले में मुसहर समुदाय से आने वाले शैलेश की संदिग्ध मौत हो गई थी. बाद में सामने आया था कि वे माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के क़र्ज़ जाल में फंसे थे. इस घटना पर द वायर में छपी एक रिपोर्ट के आधार पर मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. लेनिन ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी. अब आयोग ने ज़िला प्रशासन को शैलेश के परिवार को आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है.
बिहार में दूसरे और आख़िरी चरण का मतदान मंगलवार को होना है. पश्चिमी और पूर्वी चंपारण ज़िले में घूमते हुए चुनाव प्रचार के दिलचस्प नजारे दिखे. मुद्दों, जाति समीकरणों के साथ सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सियासी भविष्य और आगे की भूमिका को लेकर हो रही है.
पूर्वी चंपारण की 12 सीटों में से भाजपा आठ व जदयू, लोजपा दो-दो सीटों पर लड़ रही हैं. पश्चिमी चंपारण में भाजपा सात और जदयू दो सीटों पर मैदान में है. दोनों ज़िलों में अधिकतर सीटों पर भाजपा-जदयू उम्मीदवार दो से तीन बार, तो कुछ चार बार भी जीत चुके हैं. हालांकि क्षेत्र में इस बार बदलाव की मांग सुनाई दे रही है.
पिछले चुनाव में कांग्रेस पश्चिम चंपारण की सात सीटों- वाल्मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा, नौतन, चनपटिया, बेतिया में चुनाव लड़ी थी लेकिन किसी भी सीट पर जीत नहीं पाई. इस बार कांग्रेस को सात के बजाय छह सीटें मिली हैं, जबकि रामनगर सीट राजद ने अपने पास रखी है.
पहले चरण के चुनाव में कई ज़िलों में वोटों का बिखराव कम होने की उम्मीद है. पिछले चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी ने अच्छा मत प्राप्त किया था. इस बार लोजपा एनडीए का हिस्सा है. जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी कुछ सीटों पर छोड़कर कहीं तीसरा कोण बनाते नहीं दिख रहे हैं. चुनावी संघर्ष दोनों गठबंधनों में सिमटता गया है.
आरा, छपरा, गोपालगंज और सिवान के ज़िले के विधानसभा क्षेत्र में बेरोज़गारी, महंगाई और पलायन के साथ-साथ भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दा बना है. कल पहले चरण में इन जगहों पर मतदान होना है. क्या नीतीश बढ़त ले पाएंगे?
इस बार भोरे की लड़ाई सीधी है. एक तरफ जेएनयू में पढ़ा और छात्र संघ का पूर्व अध्यक्ष है, तो दूसरी तरफ दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई कर आईपीएस अफसर रहा नेता. एक तरफ धुआंधार भाषण देने वाला युवा नेता, तो दूसरी तरफ अफसर की तरह बोलने वाला शिक्षा मंत्री. एक तरफ बहुत कम संसाधन वाला प्रत्याशी है, तो दूसरी तरफ सत्ता बल के साथ चलता उम्मीदवार.
नीतीश सरकार ने 26 सितंबर को मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना की शुरुआत की. इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 75 लाख जीविका दीदियों के खाते में दस-दस हज़ार रुपये भेजे गए. तीन अक्टूबर को 25 लाख और महिलाओं को दस-दस हज़ार दिए गए. क्या यह क़दम महिला मतदाताओं के बीच नीतीश की साख मज़बूत करेगा?
इतिहास बताता है कि हर आंदोलन और संघर्ष के बाद नेपाल आगे ही बढ़ा है. भले ही क्रांतियां अधूरी रही लेकिन उनकी उपलब्धिों ने समाज को गति ही दी. उम्मीद की जानी चाहिए कि मौजूदा आंदोलन भी गतिरोध को तोड़ते हुए देश को एक नई राह दिखाएगा.
नेपाल में ज़ेन-ज़ी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी के बाद भारत-नेपाल सीमा पर गहरा प्रभाव पड़ा है. नेपाल बॉर्डर पर मालवाहक वाहनों की लंबी क़तार लगी है. सीमा से सटे भारतीय बाज़ारों में सन्नाटा है. दुकानदार ख़ाली बैठे हैं, वाहनों को यात्री नहीं मिल रहे.
दो सप्ताह में 1300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पूरी हुई वोट अधिकार यात्रा विपक्ष के लिए एक बड़े जनआंदोलन में तब्दील हो गई. यात्रा ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के मुद्दे को जनता के बीच पहुंचाने के साथ बदलाव की आकांक्षा को नई ऊर्जा दी.
निषाद पार्टी के कार्यकर्ता परेशान हैं. पार्टी नेतृत्व असुरक्षा बोध से ग्रस्त है और अपनी अक्षम संतानों को कार्यकर्ताओं पर थोप रहा है. कुछ नेता समय रहते पार्टी छोड़ गए, लेकिन धर्मात्मा निषाद ऐसा नहीं कर पाए. एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता की ख़ुदक़ुशी व्यापक विमर्श की मांग करती है.
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने शहर के मेवातीपुर मोहल्ले में स्थित मस्जिद को बिना नक्शा स्वीकृत कराए बनाने का आरोप लगाते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया है. हालांकि, मस्जिद पक्ष के वकील बताते हैं कि नगर विकास विभाग के आदेश के हिसाब से सौ वर्ग मीटर तक भूमि पर निर्माण के लिए नक्शे की ज़रूरत नहीं है.
बीते नौ फरवरी को कुशीनगर ज़िले के हाटा क़स्बे की मदनी मस्जिद के एक हिस्से को ज़िला प्रशासन ने अतिक्रमण बताते हुए बुलडोज़र से ढहा दिया था. मस्जिद के मुख्य व्यवस्थापक हाजी हामिद खां ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि झूठ का सहारा लेकर मस्जिद को तोड़ा गया है.
समाजवादी पार्टी भी किसानों के आंदोलन में कूद पड़ी है. सपा ने ऐलान किया है कि 25 अक्टूबर तक किसानों की मांग नहीं मानी गई तो 28 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा.