बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहने के कारण शुक्रवार को मानसून सत्र का पहला हफ़्ता बिना किसी कार्यवाही के समाप्त हो गया. सरकार पहलगाम आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर दोनों सदनों में 16-16 घंटे की चर्चा की विपक्ष की मांग पर सहमत हो गई है. हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि एसआईआर पर चर्चा की विपक्ष की मांग पर विचार किया जाएगा या नहीं.
बिहार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए जा रहे एसआईआर पर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने 24 जुलाई को चुनिंदा पत्रकारों को भेजे एक वॉट्सऐप मैसेज में इस आलोचना का जवाब दिया. इसमें कहा गया कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की जननी है. क्या उसे आलोचना से डरना चाहिए.
देश की प्रमुख दलित संस्थाओं के संगठन- नेशनल कंफेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी संगठन द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया है कि राज्य के 71% से अधिक दलित मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के चलते अपना वोट छिन जाने का डर सता रहा है.
भाजपा की प्रमुख सहयोगी और सत्तारूढ़ एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी घटक तेलुगु देशम पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने की मांग कि है कि एसआईआर, मतदाता सूची सुधार से संबंधित मामलों तक ही सीमित रहे और यह यह स्पष्ट किया जाए कि यह प्रक्रिया नागरिकता सत्यापन से संबंधित नहीं है.
अहमदाबाद हादसे के ठीक पांच दिन पहले भी एयर इंडिया की दिल्ली से पेरिस जाने वाली एक फ्लाइट को दिल्ली वापस लौटना पड़ा था. यात्रियों द्वारा बिजली के सॉकेट से धुंआ निकलने की शिकायत के बाद विमान को पांच घंटे शारजाह में जांच के लिए रोका गया. इसके बाद विमान दिल्ली लौट आया.
केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 15 साल बाद जनगणना दो चरणों में अक्टूबर 2026 से शुरू होगी. इसके साथ जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे. विपक्ष ने देरी पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि भाजपा डिलिमिटेशन के ज़रिये दक्षिणी राज्यों की सीटें घटाना चाहती है.
'इंडिया' गठबंधन में शामिल सोलह विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे पत्र में पुंछ, उरी, राजौरी में हमले, तनाव, नागरिकों की हत्या और संघर्ष विराम की घोषणा के साथ ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर इसके प्रभाव को लेकर 'गंभीर सवालों' का ज़िक्र किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी बिगुल फूंकते हुए अलीपुरद्वार में हुई एक रैली में ऑपरेशन सिंदूर को दुर्गा पूजा पर होने वाले 'सिंदूर खेला' से जोड़ा था. इस पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह ऑपरेशन के नाम के साथ 'राजनीतिक होली' खेल रहे हैं.
हाल के महीनों में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी के ख़िलाफ़ पाकिस्तान, आईएसआई से संबंध रखने का आरोप लगाया है. गोगोई ने कहा कि उनके परिवार के ख़िलाफ़ यह बदनामी अभियान कुछ और नहीं बल्कि शर्मा द्वारा अपने परिवार की अवैध गतिविधियों पर पर्दा डालने का प्रयास है.
भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा था कि पहलगाम हमले में अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं में वीरांगना का भाव नहीं था. हरियाणा से आने वाले जांगड़ा के इस बयान पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व और राज्य महिला आयोग ख़ामोश बने हुए हैं.
ऐसे समय में जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव पर राजनीति न करने का आग्रह किया है, ख़ुद उसके एक्स हैंडल से विपक्ष को निशाना बनाते हुए कहा गया है कि यूपीए शासन की निष्क्रियता के उलट, नए भारत में बेकार की शांति वार्ता के लिए कोई धैर्य नहीं है.
नई दिल्ली में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने बताया कि पाकिस्तान और पीओके में सैन्य हमलों में करीब 100 आतंकियों को मार गिराया गया है. विपक्ष ने सरकार और सेना को समर्थन दिया, हालांकि प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति पर सवाल उठे.
बिहार चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यह फैसला 2024 के चुनाव अभियान में भाजपा के रुख़ से एकदम उलट है, जब उसने जाति जनगणना की मांग को समाज को बांटने वाला क़दम बताकर ख़ारिज कर दिया था. हालांकि, सरकार ने जनगणना या संबंधित जाति जनगणना के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई है.
केंद्र सरकार ने 24 अप्रैल को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा है कि हाल के वर्षों में कारोबार चलने और पर्यटन की वापसी सहित सब ठीक चलने के बावजूद पहलगाम आतंकी हमला एक 'चूक' थी. विपक्षी दलों ने बैठक में पीएम मोदी की अनुपस्थिति, और हमले के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर नफरत भरे अभियान चलाए जाने पर भी चिंता जताई.
कांग्रेस कार्य समिति ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनज़र पारित एक प्रस्ताव में पाकिस्तान को 'जानबूझकर हिंदुओं को निशाना बनाकर सुनियोजित आतंकवादी कृत्य' का मास्टरमाइंड कहा है. पार्टी ने भाजपा पर इस त्रासदी के बहाने ध्रुवीकरण और विभाजन को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया गया.