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विष्णु नागर

सीखें! अख़बार में छपी निगेटिव ख़बरों को पॉज़िटिव बनाने की विधि

व्यंग्य: बीते दिनों आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि वे शुरू से ही मीडिया को संदेश देते रहे हैं कि निगेटिव ख़बरों को भी पॉज़िटिव तरीके से छापें. देश के एक वरिष्ठ पत्रकार ने उनकी राय पर अमल करते हुए ‘नो निगेटिव न्यूज़’ वाले अख़बार में प्रकाशित एक ख़बर के साथ ऐसा करने की कोशिश की है.

अब पराया लगता है यह देश

हम देश के एक छोटे से क़स्बे में पले-बढ़े लेकिन उस दौर में लोगों का दिलो-दिमाग राजनीति ने इतना छोटा नहीं था, जबकि देश का विभाजन हुए बहुत अरसा भी नहीं बीता था. नफ़रत की ऐसी आग नहीं लगी हुई थी, जैसी आज लगी है.

क़ानून अपना काम करेगा यानी नहीं करेगा

क़ानून को काम करने देने के बयान का मतलब ही क़ानून को काम न करने देने के प्रयासों के अति सक्रिय हो जाने का संकेत होता है, जो वर्णिका मामले में दिए गए विभिन्न वक्तव्यों को ध्यान से पढ़ने पर साफ दिख जाता है.

महागुन सोसाइटी मामले को कैसे देखा जाना चाहिए?

महागुन सोसाइटी में हुई मज़दूर वर्ग की हिंसा तो नज़र आती है मगर इस सोसाइटी में रहने वाले संपन्न तबके द्वारा इन मज़दूरों पर की जा रही हिंसा किसी को दिखाई नहीं पड़ती.