वीडियो: 31 जुलाई की रात इंफाल पश्चिम के ज़ोमी विला में आग लगने से 17 घर तबाह हो गए. पुलिस का दावा है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी, लेकिन रहवासी इस बात से सहमत नहीं है. आग कुकी समुदाय के लोगों के घरों से शुरू हुई थी, जो बाद में उन घरों तक फैल गई जहां बिहार से आने वाले प्रवासी रहते हैं.
बीते सप्ताह द वायर के रिपोर्टर याक़ूत अली मणिपुर के बिष्णुपुर ज़िले पहुंचे थे, जहां रात को स्थानीय मेईतेई लोगों से बातचीत के दौरान फायरिंग में एक गोली उनके पास से गुज़र गई.
वीडियो: मणिपुर में बीते 3 मई से जारी जातीय हिंसा के दौरान तमाम ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें अपने परिवार के सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ऐसे लोगों से द वायर की टीम ने बातचीत की.
इंफाल की 17 वर्षीय छात्रा लुवांगबी लिनथोइंगंबी हिजाम और उनके दोस्त फिजाम हेमंजीत सिंह को आख़िरी बार 6 जुलाई को सीसीटीवी फुटेज में एक साथ देखा गया था. तब से, वे लापता हैं और उनके परिवार लगातार अधिकारियों से कार्रवाई करने के लिए गुहार लगा रहे हैं.
मणिपुर के काकचिंग ज़िले के सेरोउ अवांग लीकाई गांव में मई महीने के अंत में एक स्वतंत्रता सेनानी की अस्सी वर्षीय पत्नी को उनके घर में सशस्त्र भीड़ द्वारा ज़िंदा जला दिया गया. परिजनों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के दो महीने बीतने के बाद भी पुलिस ने जांच शुरू नहीं की है.
वीडियो: मणिपुर में दो महीने से अधिक समय से जारी हिंसा के बीच महिलाओं के साथ बलात्कार, यौन उत्पीड़न की ख़बरें सामने आना शुरू हुई हैं. आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने इन अपराधों को लेकर उचित कार्रवाई नहीं की. इन घटनाओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुकी समुदाय ने प्रदर्शन किया.
मणिपुर हिंसा से संबंधित ख़ौफ़नाक वीडियो में निर्वस्त्र घुमाई गईं महिलाओं में से एक ने कहा कि उन्होंने चार पुलिसकर्मियों को कार में बैठे देखा था, जो हिंसा होते हुए देख रहे थे. उन्होंने हमारी मदद के लिए कुछ नहीं किया. कुकी समुदाय की इस महिला के पिता और भाई को भीड़ ने मार डाला था. ये घटना 3 मई को भड़की जातीय हिंसा के अगले दिन 4 मई की है.
एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मिली जानकारी के अनुसार, देश में सबसे अधिक बंदूक लाइसेंस धारकों वाला राज्य उत्तर प्रदेश है. इसके बाद जम्मू कश्मीर और पंजाब का स्थान है.
वीडियो: मणिपुर में पिछले दो महीने से बहुसंख्यक मेईतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा जारी है. अब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मिली है कि पूर्वोत्तर के राज्यों में मणिपुर सरकार ने पिछले 7 साल में सबसे अधिक संख्या में बंदूक के लाइसेंस जारी किए हैं.
एक्सक्लूसिव: एक आरटीआई आवेदन के जवाब में द वायर को प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में इस समय 35,117 सक्रिय बंदूक लाइसेंस हैं. यह संख्या दिसंबर 2016 में 26,836 थी.
वीडियो: मणिपुर में दो महीने से जातीय हिंसा जारी है, जिससे प्रभावित लोग अपना घर, ज़मीन छोड़ देने को मजबूर हो चुके हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 70,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनके लिए लगभग 350 राहत शिविर बनाए गए हैं. कैसी है इन शिविरों की स्थिति?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 22 जून को ह्वाइट हाउस पहुंचे थे. इस दौरान नॉर्थ अमेरिकन मणिपुर ट्राइबल एसोसिएशन के सदस्यों ने प्रदर्शन कर राज्य में चल रही जातीय हिंसा पर सरकार की कथित उदासीनता और उसके द्वारा मेईतेई समुदाय का कथित तौर पर समर्थन करने का मुद्दा उठाया.
राजस्थान के अलवर ज़िले के बहादुरपुर स्थित एक मस्जिद में बीते 20 जून को भीड़ ने तोड़फोड़ करने के साथ आग लगा दी थी. आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के साथ मुसलमानों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी भी की थी.
वीडियो: मई महीने की शुरुआत में हुई हिंसा के बाद मणिपुर में हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं, सैकड़ों को अपना घर छोड़ना पड़ा. ऐसे हालात में चूड़ाचांदपुर की एक चर्च विस्थापित हुए कुकी समुदाय लोगों की पनाह बनी है, जहां हिंसा से प्रभावित हुए करीब तीन सौ लोग रह रहे हैं.
वीडियो: मणिपुर में इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा के बाद बीते हफ्ते फिर हिंसा की घटनाएं देखने को मिलीं. इसके बाद सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दौरे पर पहुंचे हैं. इस बीच, राज्य में कई जगह कर्फ्यू लगाया गया, किसी क्षेत्र से फायरिंग की आवाज़ें भी सुनने को मिलीं.